नई दिल्ली। बरगी डैम में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। 30 अप्रैल को हुए इस हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 22 लोग किसी तरह बचा लिए गए थे।
हादसे में को-पायलट रहे महेश पटेल ने घटना के बाद बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि क्रूज का एक इंजन पहले से स्लो था और अचानक आई तेज हवाओं ने स्थिति को और बिगाड़ दिया।
कैसे हुआ हादसा?
महेश पटेल के अनुसार, क्रूज शाम करीब 5:16 बजे यात्रा पर निकला था। लौटते समय तेज हवाएं चलने लगीं, जिनकी रफ्तार लगभग 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक बताई गई। उन्होंने बताया कि स्थिति बिगड़ने पर स्टाफ को लाइफ जैकेट बांटने के निर्देश दिए गए थे। उनका दावा है कि इसी दौरान क्रूज का एक इंजन काम करना बंद कर गया, जिससे संतुलन बिगड़ गया और क्रूज पानी में डूबने लगा।
महेश पटेल ने कहा कि वे क्रूज के पायलट केबिन में थे और आखिरी समय तक अंदर ही फंसे रहे। बाद में पानी के दबाव से बाहर निकल पाए। उन्होंने यह भी कहा कि वे किसी को छोड़कर नहीं भागे और हालात बेहद भयावह थे।
पटेल ने बताया कि वे पिछले 10 साल से क्रूज संचालन कर रहे हैं और 2012 में उन्होंने ट्रेनिंग ली थी। उनका कहना है कि यदि उन्हें मौसम संबंधी चेतावनी या संचालन रोकने के निर्देश मिले होते, तो क्रूज कभी नहीं चलाया जाता।
उन्होंने यह भी कहा कि क्रूज का आखिरी बड़ा मेंटेनेंस करीब 3 साल पहले हुआ था। साथ ही टिकट व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं, जहां कुछ यात्रियों के बिना टिकट होने की बात सामने आई है।
हादसे के बाद प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है और जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया चल रही है। इस बीच महेश पटेल को नौकरी से बर्खास्त भी किया गया है।
