भोपाल – मप्र बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष बनीं डॉ. निवेदिता शर्मा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की स्वीकृति के बाद जारी हुआ नियुक्ति पत्र
डॉ निवेदिता शर्मा को मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की स्वीकृति के बाद गुरुवार को नियुक्ति संबंधी आदेश जारी कर दिया गया। बाल अधिकारों और बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में उनकी सक्रिय भूमिका को देखते हुए इस नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नियुक्ति के बाद डॉ. शर्मा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें बच्चों के हित में कार्य करने का महत्वपूर्ण अवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि राज्य में बालकों के संरक्षण, सुरक्षा और अधिकारों से जुड़े विषयों पर सरकार की मंशा के अनुरूप प्रभावी कार्य किए जा सकें। इसके साथ ही उन्होंने अपने सभी वरिष्ठजनों, शुभचिंतकों और सहयोगियों का भी आभार व्यक्त किया।
उल्लेखनीय है कि डॉ. निवेदिता शर्मा इससे पहले भी राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य के रूप में कार्य कर चुकी हैं। सदस्य रहते हुए उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जिलों में बाल अधिकारों से जुड़े मामलों की जांच की और बच्चों के साथ हो रहे अन्याय, बाल श्रम, बाल विवाह तथा संस्थागत लापरवाही से जुड़े मामलों को प्रमुखता से उठाया।
आयोग में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने छात्रावासों, मदरसों और विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं को लेकर कई स्तरों पर निरीक्षण और जांच कराई। लंबित प्रकरणों की सुनवाई में उनकी सक्रियता और संवेदनशील कार्यशैली के कारण वे बाल कल्याण के क्षेत्र में एक प्रभावशाली आवाज के रूप में उभरीं।
मूल रूप से ग्वालियर की रहने वाली डॉ. शर्मा ने जीवाजी विश्वविद्यालय से सूक्ष्म जीव विज्ञान में पीएचडी तथा विधि की शिक्षा प्राप्त की है। वे कई शोध-पत्रों के साथ रानी दुर्गावती के जीवन पर आधारित शोध पुस्तक का लेखन भी कर चुकी हैं।
राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग बच्चों के अधिकारों की रक्षा, बाल श्रम, बाल विवाह, शोषण एवं बाल अपराधों से जुड़े मामलों की निगरानी और हस्तक्षेप का प्रमुख संवैधानिक निकाय है। ऐसे में डॉ. निवेदिता शर्मा की नियुक्ति को प्रदेश में बाल संरक्षण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
