सेना के स्पीयर कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल गिरीश कालिया ने राज्य के कई संवेदनशील और अग्रिम क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने न केवल तैनात जवानों से सीधे बातचीत की बल्कि स्थानीय परिस्थितियों और मौजूदा सुरक्षा चुनौतियों की विस्तृत जानकारी भी ली। उनके दौरे के दौरान रेड शील्ड डिवीजन के अंतर्गत आने वाले विभिन्न रणनीतिक क्षेत्रों की स्थिति का भी आकलन किया गया, जहां हाल के समय में तनाव की घटनाएं सामने आई थीं।
लेफ्टिनेंट जनरल कालिया ने प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण भी किया, जिससे उन्हें जमीन पर मौजूद हालात का व्यापक और वास्तविक चित्र देखने को मिला। विशेष रूप से हाल में हुई स्थानीय संघर्ष जैसी घटनाओं से प्रभावित इलाकों पर ध्यान केंद्रित किया गया, ताकि सुरक्षा रणनीति को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। उन्होंने जवानों की सतर्कता, उनके पेशेवर रवैये और कठिन परिस्थितियों में भी शांति बनाए रखने के प्रयासों की सराहना की।
दौरे के दौरान सेना के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में शांति बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी स्तरों पर सतर्कता आवश्यक है। कोर कमांडर ने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में किसी भी प्रकार की लापरवाही की गुंजाइश नहीं है और हर स्थिति पर लगातार नजर रखना बेहद जरूरी है।
इसके साथ ही लेफ्टिनेंट जनरल कालिया ने लेइमाखोंग स्थित सैन्य स्टेशन में रेड शील्ड ड्रोन लैब का भी निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान उन्हें सेना द्वारा विकसित की जा रही स्वदेशी ड्रोन तकनीक, उसकी मरम्मत, असेंबली और प्रशिक्षण प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि आधुनिक निगरानी और मिशन आधारित ड्रोन तकनीक सुरक्षा अभियानों में तेजी से महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
सेना प्रमुख ने तकनीकी नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए आधुनिक तकनीक और उन्नत निगरानी प्रणालियां बेहद आवश्यक हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बदलते सुरक्षा परिदृश्य में तकनीकी क्षमता को लगातार विकसित करना समय की मांग है।
सेना की ओर से जारी बयान में कहा गया कि यह पूरा दौरा न केवल परिचालन क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि भारतीय सेना मणिपुर में शांति, स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। राज्य में हालात को सामान्य करने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती और तैयारियों को और अधिक मजबूत किया जा रहा है।
