शेयर बाजार में पिछले कुछ दिनों से निफ्टी 50 इंडेक्स एक अस्थिर लेकिन दिलचस्प स्थिति में बना हुआ है। एक ओर जहां बाजार में उतार-चढ़ाव लगातार देखने को मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर तकनीकी चार्ट यह संकेत दे रहे हैं कि निफ्टी में अभी भी ऊपर जाने की क्षमता बची हुई है। निवेशकों के बीच फिलहाल अनिश्चितता का माहौल है, लेकिन बाजार का समग्र ढांचा पूरी तरह कमजोर नहीं माना जा रहा है।
पिछले सप्ताह निफ्टी ने कई बार दिशा बदली। शुरुआती सत्रों में इंडेक्स ने मजबूती दिखाते हुए 24500 के करीब पहुंचने की कोशिश की, जिससे बाजार में थोड़ी सकारात्मकता देखने को मिली। लेकिन इसके बाद किसी मजबूत सकारात्मक संकेत के अभाव में बाजार दबाव में आ गया और इंडेक्स नीचे की ओर फिसलने लगा। 24000 का स्तर इस दौरान एक महत्वपूर्ण सहारा बनकर सामने आया, जहां से बार-बार खरीदारी का समर्थन मिलता रहा।
मध्य सप्ताह में निफ्टी ने इसी सपोर्ट से उभरते हुए फिर से ऊपर की ओर रुख किया और कुछ समय के लिए तेजी का माहौल भी बना। लेकिन यह तेजी टिक नहीं सकी और अंततः बाजार एक बार फिर अस्थिरता की ओर लौट आया। सप्ताह के अंत तक इंडेक्स ने लगभग 24176 के स्तर पर क्लोजिंग दी, जबकि दिन के दौरान लगभग 150 अंकों की गिरावट भी देखने को मिली।
इसके बावजूद तकनीकी संकेत यह दर्शाते हैं कि बाजार पूरी तरह दबाव में नहीं है। वीकली चार्ट पर बनी डोजी कैंडल इस बात का संकेत देती है कि बाजार में अनिश्चितता जरूर है, लेकिन ट्रेंड अभी भी पूरी तरह टूटता हुआ नहीं दिख रहा है। ऊपरी स्तरों से आई बिकवाली के बावजूद निचले स्तरों पर मजबूत सपोर्ट बना हुआ है, जो बाजार को गिरने से रोक रहा है।
विश्लेषकों के अनुसार निफ्टी के लिए 23920 के आसपास का स्तर बेहद अहम माना जा रहा है। जब तक यह स्तर सुरक्षित रहता है, तब तक बाजार में ऊपर जाने की संभावना बनी रह सकती है। वहीं दूसरी ओर 24500 का स्तर एक मजबूत रेजिस्टेंस की तरह काम कर रहा है, जिसे पार करना बाजार के लिए अगला बड़ा संकेत होगा। यदि निफ्टी इस स्तर को मजबूती से तोड़ता है, तो आगे 24800 और फिर 25000 तक के स्तर देखने को मिल सकते हैं।
हालांकि बाजार की दिशा काफी हद तक बाहरी घटनाओं और वैश्विक संकेतों पर निर्भर करेगी। किसी भी सकारात्मक अंतरराष्ट्रीय विकास से बाजार को तेजी का नया ट्रिगर मिल सकता है, जबकि नकारात्मक संकेत दबाव बढ़ा सकते हैं। इसी कारण आने वाले सत्रों को बाजार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कुल मिलाकर निफ्टी फिलहाल एक ऐसे मोड़ पर है जहां गिरावट के बावजूद तेजी की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, लेकिन महत्वपूर्ण सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल अगले बड़े मूवमेंट की दिशा तय करेंगे।
