नई दिल्ली । मध्यप्रदेश में चीतों के पुनर्वास कार्यक्रम के तहत कूनो नेशनल पार्क से लाया गया Kuno National Park का चीता KGP-1 अब लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा है। पिछले करीब 60 दिनों से यह चीता ग्वालियर वन मंडल के तिघरा और घाटीगांव के जंगलों में सक्रिय था, लेकिन अब उसने मुरैना जिले की सीमा की ओर रुख कर लिया है।
वन विभाग के अनुसार चीता ने हाल ही में आसन नदी पार कर नए जंगल क्षेत्र की ओर मूवमेंट किया है। यह बदलाव उसकी प्राकृतिक प्रवृत्ति और भोजन-पानी की तलाश का हिस्सा माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इंसानी गतिविधियों और शोर से दूरी बनाए रखने के लिए वह लगातार सुरक्षित जंगल क्षेत्रों की ओर बढ़ रहा है।
GPS कॉलर से हर मूवमेंट पर नजर
वन विभाग की टीमें चीते की निगरानी के लिए अत्याधुनिक GPS सैटेलाइट कॉलर का उपयोग कर रही हैं। इस कॉलर के जरिए उसकी लोकेशन लगातार ट्रैक की जा रही है ताकि वह सुरक्षित रहे और किसी भी मानव बस्ती में प्रवेश न करे।
वन विभाग की टीमें चीते की निगरानी के लिए अत्याधुनिक GPS सैटेलाइट कॉलर का उपयोग कर रही हैं। इस कॉलर के जरिए उसकी लोकेशन लगातार ट्रैक की जा रही है ताकि वह सुरक्षित रहे और किसी भी मानव बस्ती में प्रवेश न करे।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि KGP-1 का व्यवहार काफी बदलता रहता है। कभी वह लंबे समय तक एक ही क्षेत्र में रहता है, तो कभी भोजन और पानी की तलाश में बड़े इलाके में घूमने लगता है।
डेढ़ महीने से ग्वालियर में बना हुआ था सक्रिय
पिछले लगभग डेढ़ से दो महीनों तक यह चीता ग्वालियर वन मंडल में लगातार मूवमेंट करता रहा, जिससे प्रशासन सतर्क था। इस दौरान ग्रामीण इलाकों में लोगों को जंगल की ओर न जाने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई थी।
पिछले लगभग डेढ़ से दो महीनों तक यह चीता ग्वालियर वन मंडल में लगातार मूवमेंट करता रहा, जिससे प्रशासन सतर्क था। इस दौरान ग्रामीण इलाकों में लोगों को जंगल की ओर न जाने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई थी।
मुरैना सीमा पर बढ़ा अलर्ट
अब जब चीता मुरैना सीमा की ओर बढ़ गया है, तो ग्वालियर और मुरैना दोनों वन मंडलों की संयुक्त टीमें अलर्ट मोड पर हैं। सीमा क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
अब जब चीता मुरैना सीमा की ओर बढ़ गया है, तो ग्वालियर और मुरैना दोनों वन मंडलों की संयुक्त टीमें अलर्ट मोड पर हैं। सीमा क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
अधिकारियों का कहना है कि चीते की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उसे प्राकृतिक वातावरण में सुरक्षित रहने और मानव संपर्क से दूर रखने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मूवमेंट पूरी तरह प्राकृतिक है और इसका उद्देश्य नए क्षेत्र में शिकार और निवास की तलाश है।
अधिकारियों का कहना है कि चीते की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उसे प्राकृतिक वातावरण में सुरक्षित रहने और मानव संपर्क से दूर रखने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मूवमेंट पूरी तरह प्राकृतिक है और इसका उद्देश्य नए क्षेत्र में शिकार और निवास की तलाश है।
