मोबाइल से मिले संदिग्ध ई-मेल और पाकिस्तान कनेक्श
स्पेशल सेल के अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों के मोबाइल फोन से कई संदिग्ध ई-मेल, ऑडियो और वीडियो कॉल रिकॉर्ड मिले हैं। जांच में यह भी सामने आया कि सोशल मीडिया के जरिए संवेदनशील स्थानों की तस्वीरें और वीडियो पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स को भेजे गए थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन युवकों को आतंकी गतिविधियों से जोड़ने के बदले क्या आर्थिक या अन्य लाभ दिए गए थे।
ऐतिहासिक मंदिर की रेकी कर भेजी तस्वीरे
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने दिल्ली के एक ऐतिहासिक मंदिर की रेकी की थी। मंदिर परिसर और वहां तैनात पुलिस तथा अर्धसैनिक बलों की गतिविधियों की तस्वीरें पाकिस्तान भेजी गई थीं। जांच एजेंसियों का मानना है कि मॉड्यूल का मकसद मंदिर परिसर में हमला कर दहशत फैलाना था।
हाईवे के ढाबे पर ग्रेनेड हमले की साजि
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि दिल्ली-सोनीपत हाईवे पर स्थित एक प्रसिद्ध ढाबे को भी निशाना बनाया गया था। आरोपियों को वहां ग्रेनेड हमला करने का टास्क दिया गया था। यह ढाबा प्रतिदिन हजारों लोगों की आवाजाही वाला स्थान माना जाता है, इसलिए सुरक्षा एजेंसियां इस साजिश को बेहद गंभीर मान रही हैं।
सैन्य कैंप की भी की गई रेक
पुलिस के अनुसार, हरियाणा के हिसार स्थित सैन्य कैंप और उसके आसपास के इलाकों की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई थी। इन वीडियो को पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स तक पहुंचाया गया। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के कुछ पुलिस थाने भी मॉड्यूल के निशाने पर बताए जा रहे हैं।
‘गैंग बस्ट ऑपरेशन 2.0’ में हुआ खुलासा
यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा चलाए जा रहे “गैंग बस्ट ऑपरेशन 2.0” के तहत की गई। इससे पहले भी इस ऑपरेशन में कई राज्यों से संदिग्ध ऑपरेटिव्स गिरफ्तार किए जा चुके हैं। अब जांच एजेंसियां मॉड्यूल के नेटवर्क, फंडिंग और सीमा पार संपर्कों की गहराई से जांच कर रही हैं।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, जांच जार
दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई को बड़ी सुरक्षा सफलता माना जा रहा है। शुरुआती जांच में सामने आए तथ्यों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन जुड़े हुए हैं।
