करैरा(शिवपुरी)। धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र माने जाने वाला बगीचा सरकार मंदिर इन दिनों विवाद, राजनीति और शक्ति प्रदर्शन का केंद्र बनता जा रहा है। 9 मई की रात हुए विवाद के बाद मंगलवार को हालात तब और तनावपूर्ण हो गए, जब पिछोर विधायक प्रीतम लोधी करीब 150 वाहनों के काफिले के साथ करैरा पहुंचे। विधायक ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि संत समाज और महंत राजेंद्र गिरी महाराज का अपमान हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
श्रद्धालुओं के प्रवेश को लेकर हुआ विवाद-
मंगलवार सुबह से ही मंदिर परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। बताया जा रहा है कि कुछ लोगों द्वारा आम श्रद्धालुओं के प्रवेश पर आपत्ति जताने के बाद माहौल बिगड़ गया और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को संभाला, जिसके बाद श्रद्धालु मंदिर में दर्शन कर सके।
मंदिर आय और वर्चस्व की लड़ाई बना विवाद का केंद्र-
पूरा विवाद मंदिर की आय और प्रबंधन को लेकर बताया जा रहा है। एक ओर भोला पंडित पक्ष है, जबकि दूसरी ओर मुख्य महंत के समर्थक सक्रिय हैं।
इसी बीच नगर के जागरूक लोगों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए मंदिर की आय के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए और कहा कि मंदिर को ट्रस्ट को सौंपा जाए।
समिति की ओर से मांग की गई है कि मंदिर के चढ़ावे से अर्जित संपत्तियों की आर्थिक जांच कराई जाए और मंदिर प्रबंधन में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। इस घटनाक्रम ने मंदिर की व्यवस्थाओं और प्रशासनिक निगरानी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
“प्रधानमंत्री की अपील का पिछोर विधायक पर नहीं असर”
एक तरफ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लगातार देशवासियों से पेट्रोल-डीजल बचाने और पर्यावरण संरक्षण की अपील कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर करैरा पहुंचे विधायक प्रीतम लोधी का विशाल काफिला चर्चा का विषय बन गया।
हाईवे पर कई किलोमीटर तक लग्जरी वाहनों की लंबी कतारें नजर आईं। समर्थक सनरूफ से बाहर निकलकर नारेबाजी करते दिखाई दिए। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस शक्ति प्रदर्शन से जहां ईंधन की बर्बादी हुई, वहीं आम राहगीरों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
घायल भोला पंडित का ग्वालियर में इलाज जारी
9 मई को हुए झगड़े में राम मंदिर सेवा समिति के अध्यक्ष भोला पंडित उर्फ राजेश दुबे और उनके साथ घायल हुए साथियों का इलाज ग्वालियर के एक निजी अस्पताल में इलाज जारी है।
सर्व समाज ने ट्रस्ट गठन की उठाई मांग
मंदिर विवाद के बीच सर्व समाज ने भी एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर बगीचा सरकार मंदिर का प्रबंधन सरकारी अथवा सार्वजनिक ट्रस्ट को सौंपने की मांग की है। लोगों का कहना है कि मंदिर जन-आस्था का केंद्र है, इसलिए चढ़ावे और व्यवस्थाओं में पारदर्शिता के लिए स्पष्ट नीति और प्रशासनिक नियंत्रण जरूरी है।ज्ञापन का वाचन मनोज त्रिपाठी ने किया।
विधायक ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
महंत राजेंद्र गिरी के समर्थन में पहुंचे विधायक प्रीतम लोधी ने करैरा पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई करने और संत समाज की शिकायतों को अनसुना करने का आरोप लगाया। उन्होंने महंत को हरसंभव सुरक्षा और समर्थन का भरोसा दिलाया।
वर्तमान समय में मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है वहीं प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
