चेन्नई स्थित अपने आवास पर मीडिया से बातचीत करते हुए रजनीकांत ने कहा कि अगर वे इन अफवाहों पर चुप रहते, तो लोग इन्हें सच मान लेते। उन्होंने कहा कि राजनीति और व्यक्तिगत रिश्तों को अलग नजरिए से देखना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव परिणाम आने के बाद उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी, जिसे लेकर कई तरह की बातें बनाई गईं, लेकिन वह मुलाकात केवल व्यक्तिगत संबंधों और सम्मान के आधार पर थी।
रजनीकांत ने उन आरोपों का भी जवाब दिया जिनमें कहा जा रहा था कि उन्होंने विजय को मुख्यमंत्री बनने पर बधाई नहीं दी। उन्होंने बताया कि उन्होंने पहले ही सार्वजनिक रूप से विजय को शुभकामनाएं दे दी थीं और उनके मन में नई सरकार के लिए सकारात्मक सोच है। सुपरस्टार ने कहा कि किसी व्यक्ति की सफलता से जलन रखना उनकी सोच नहीं है और वे हमेशा प्रतिभा और मेहनत का सम्मान करते हैं।
बातचीत के दौरान रजनीकांत ने हल्के-फुल्के अंदाज में यह भी कहा कि अगर उनके करीबी मित्र कमल हासन मुख्यमंत्री बनते, तो शायद मजाक में थोड़ी जलन महसूस होती, लेकिन विजय के मामले में ऐसा कुछ नहीं है। उनके इस बयान के बाद माहौल हल्का हो गया और वहां मौजूद लोग मुस्कुरा उठे।
रजनीकांत ने विजय की राजनीतिक उपलब्धि की खुलकर तारीफ करते हुए कहा कि कम उम्र में इतनी बड़ी सफलता हासिल करना आसान नहीं होता। उन्होंने कहा कि विजय ने बेहद कठिन राजनीतिक परिस्थितियों में खुद को स्थापित किया है और जनता का विश्वास जीतकर एक नई पहचान बनाई है। सुपरस्टार ने यह भी माना कि विजय की जीत ने उन्हें भी हैरान किया, क्योंकि इतनी बड़ी राजनीतिक सफलता कम समय में हासिल करना किसी भी नेता के लिए बड़ी बात होती है।
उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति में जनता का विश्वास सबसे बड़ी ताकत होता है और विजय को अब उस विश्वास पर खरा उतरना होगा। रजनीकांत ने उम्मीद जताई कि नई सरकार राज्य के विकास और लोगों की उम्मीदों को पूरा करने की दिशा में सकारात्मक काम करेगी।
तमिलनाडु में विजय के मुख्यमंत्री बनने के बाद यह पहला मौका था जब रजनीकांत ने इतने विस्तार से अपनी राय रखी। उनके बयान के बाद अब सोशल मीडिया पर चल रही कई चर्चाओं को विराम मिलता दिखाई दे रहा है। साथ ही यह भी साफ हो गया है कि दक्षिण भारतीय सिनेमा के दो बड़े सितारों के बीच सम्मान और सकारात्मक संबंध कायम हैं।
