मामला सरायइनायत थाना क्षेत्र के अंदावा स्थित सुनीता सिंह सीता सिंह महाविद्यालय का है, जहां परीक्षा तीन शिफ्टों में आयोजित की जानी थी। पहली शिफ्ट सुबह 10 से 11 बजे निर्धारित थी। लगभग 600 परीक्षार्थियों के लिए व्यवस्था की गई थी, लेकिन करीब 450 ही परीक्षा केंद्र पर पहुंचे। जैसे ही परीक्षा शुरू हुई, अचानक सर्वर डाउन हो गया, जिससे परीक्षा प्रक्रिया ठप पड़ गई और छात्र भड़क उठे।
गुस्साए परीक्षार्थियों ने कमरे में रखे कंप्यूटर सिस्टम, कुर्सियां और अन्य उपकरणों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया। कई छात्रों ने नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया और इसके बाद हाईवे पर पहुंचकर जाम लगा दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रित किया।
पुलिस के अनुसार, इस घटना में कई कंप्यूटर और क्लासरूम के फर्नीचर को नुकसान पहुंचा है। थाना प्रभारी संजय गुप्ता ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और जिन छात्रों ने तोड़फोड़ की है, उनकी पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। तकनीकी टीम को भी बुलाया गया है ताकि सर्वर फेलियर की वजह का पता लगाया जा सके।
SSC की ओर से भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी गई है। रीजनल हेड आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि तकनीकी खराबी के कारण प्रभावित परीक्षा को रद्द कर दिया गया है और नई तारीख जल्द घोषित की जाएगी। उन्होंने परीक्षार्थियों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
यह पहली बार नहीं है जब इस परीक्षा को लेकर हंगामा हुआ हो। एक दिन पहले सोमवार को भी इसी परीक्षा केंद्र पर ओवरक्राउडिंग के कारण विवाद हुआ था, जहां सीटों से अधिक अभ्यर्थी पहुंचने पर छात्रों ने तोड़फोड़ की थी और हाईवे जाम कर दिया था।
बताया जा रहा है कि परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी एक निजी एजेंसी को दी गई थी, लेकिन तकनीकी और प्रबंधन संबंधी खामियों के कारण लगातार अव्यवस्था देखने को मिल रही है। कई केंद्रों पर क्षमता से अधिक छात्रों को बैठाने की वजह से स्थिति और बिगड़ गई।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित परीक्षाओं को दोबारा आयोजित किया जाएगा और सभी छात्रों को नए एडमिट कार्ड के साथ सूचना दी जाएगी। फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है और परीक्षा व्यवस्था की खामियों की समीक्षा की जा रही है।
