बारिश के साथ चली ठंडी हवाओं से मौसम सुहावना हो गया और तापमान में भी गिरावट महसूस की गई। नौतपा के दौरान लगातार बढ़ रही गर्मी से लोग परेशान थे, लेकिन शनिवार सुबह हुई बारिश ने जनजीवन को राहत दी। कई क्षेत्रों में लोगों ने घरों से बाहर निकलकर मौसम का आनंद लिया।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. सौरव गुप्ता के अनुसार यह बारिश प्री-मानसून गतिविधि का हिस्सा नहीं है, बल्कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण हुई है। उन्होंने बताया कि इस बदलाव से लू का असर कुछ कम जरूर हुआ है, लेकिन गर्मी का दौर अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। आने वाले दिनों में तापमान में धीरे-धीरे कमी दर्ज की जा सकती है।
शुक्रवार को जिले का अधिकतम तापमान 42.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। मौसम विभाग का मानना है कि अगले कुछ दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
विशेषज्ञों ने लोगों को गर्मी और लू से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है। दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और हल्के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। साथ ही नींबू पानी, छाछ और ओआरएस जैसे पेय पदार्थों का सेवन करते रहने को कहा गया है।
डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि तेज बुखार, चक्कर आना, अत्यधिक कमजोरी, उल्टी या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की भी सलाह दी गई है।
बारिश के बाद जिले में मौसम फिलहाल सुहावना बना हुआ है और लोगों को नौतपा की तपिश से अस्थायी राहत मिली है। हालांकि मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी का असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
