पुलिस के अनुसार तुलसियाना रेजीडेंसी निवासी नीलम नागपाल के साथ यह घटना 25 मई की दोपहर हुई। महिला को एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने अपना नाम राकेश गुप्ता बताया और खुद को बिजली विभाग से जुड़ा कर्मचारी बताया। कॉल करने वाले ने महिला को बताया कि उसका बिजली बिल विभाग के रिकॉर्ड में अपडेट नहीं हुआ है, इसलिए ट्रांजेक्शन में समस्या आ रही है।
आरोपी ने महिला को विश्वास में लेते हुए कहा कि उसके मोबाइल पर एक ओटीपी आएगा, जिसे बताने पर उसका बिल अपडेट हो जाएगा और रिकॉर्ड सही हो जाएगा। इसी भरोसे में आकर महिला ने ओटीपी साझा कर दिया, जो उसके लिए भारी भूल साबित हुई।
ओटीपी मिलते ही आरोपी ने महिला के बैंक खाते से तीन अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए करीब 1 लाख 56 हजार रुपए निकाल लिए। इस राशि में महिला की एफडी (फिक्स्ड डिपॉजिट) की रकम भी शामिल थी। जैसे ही खाते से पैसे कटे, महिला को ठगी का एहसास हुआ और उसने तुरंत अपने परिजनों को इसकी जानकारी दी।
घटना के बाद पीड़िता ने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद लसूड़िया थाना पुलिस ने मामले में अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस संबंधित मोबाइल नंबर और बैंक खातों की जानकारी जुटाकर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल पर बैंकिंग जानकारी, ओटीपी या अन्य गोपनीय विवरण साझा न करें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कोई भी बैंक, बिजली विभाग या सरकारी संस्था कभी भी फोन पर ओटीपी नहीं मांगती है।
फिलहाल पुलिस साइबर ठगों के नेटवर्क की जांच में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस तरह की ठगी के पीछे कौन सा गिरोह सक्रिय है।
