टंकियां नहीं भरीं, सीधे घरों तक पहुंचाया पानी
नगर निगम ने इस बार लोगों को तत्काल राहत देने के लिए सामान्य प्रक्रिया में बदलाव किया। आमतौर पर फिल्टर प्लांट से पहले जलाशयों और टंकियों को भरा जाता है, लेकिन इस बार सीधे फिल्टर प्लांट से सप्लाई शुरू कर दी गई। भोपाल में कोलार, नर्मदा, केरवा और बड़ा तालाब परियोजनाओं की कुल 173 पानी की टंकियां हैं। इनमें से कोलार परियोजना से जुड़ी 68 टंकियां सप्लाई पूरी होने के बाद भरी जाएंगी ताकि शनिवार से नियमित जलप्रदाय व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित की जा सके।
तीन दिन तक परेशान रही 40 फीसदी आबादी
कोलार परियोजना की 1650 मिमी व्यास वाली ग्रेविटी पाइपलाइन में लीकेज होने के कारण पिछले तीन दिनों से शहर की लगभग 40 प्रतिशत आबादी प्रभावित थी। 75 से अधिक इलाकों में पानी की सप्लाई बंद रहने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। नगर निगम ने टैंकरों के जरिए जलापूर्ति की कोशिश की, लेकिन बढ़ती मांग के सामने यह व्यवस्था पर्याप्त साबित नहीं हुई। कई रहवासियों ने आरोप लगाया कि निजी टैंकर संचालकों ने 300 रुपए के टैंकर के लिए 1000 से 1200 रुपए तक वसूले।
रातभर मौके पर रहीं कमिश्नर
पाइपलाइन की मरम्मत के दौरान नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन स्वयं रातभर मौके पर मौजूद रहीं। उन्होंने कार्य की लगातार निगरानी की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि रात में ही पंप चालू कर सुबह तक जलापूर्ति बहाल की जाए। प्रशासन की इसी सक्रियता के चलते शुक्रवार सुबह से पानी की सप्लाई दोबारा शुरू हो सकी।
नर्मदा लाइन में भी लीकेज से नई चुनौती
इधर कोलार लाइन की समस्या दूर होने के बीच शहर के कुछ हिस्सों में नर्मदा पाइपलाइन में भी लीकेज सामने आया है। अयोध्या बायपास पर सड़क निर्माण कार्य के दौरान कई स्थानों पर पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इसके कारण आसाराम तिराहे से रत्नागिरि तिराहे तक के क्षेत्रों में शुक्रवार को जलापूर्ति प्रभावित रहने की संभावना है। हालांकि कोलार लाइन की मरम्मत पूरी होने से शहर के अधिकांश प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचनी शुरू हो गई है और शनिवार से जलापूर्ति पूरी तरह सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है।
