दोनों कलाकार सुबह करीब 4 बजे मंदिर परिसर पहुंचीं और नंदी हॉल में बैठकर लगभग दो घंटे तक चलने वाली भस्म आरती में श्रद्धापूर्वक शामिल हुईं। इस दौरान वे लगातार भगवान महाकाल का जाप करती नजर आईं और पूरे समय भक्ति भाव में लीन रहीं। आरती के बीच उन्होंने नंदी महाराज का पूजन भी किया और अपनी मनोकामनाएं भगवान के चरणों में अर्पित कीं।
भस्म आरती के पश्चात दोनों ने विधिवत रूप से भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया। मंदिर प्रबंधन समिति की ओर से उप प्रशासक एस.एन. सोनी ने उनका स्वागत किया और सम्मान स्वरूप स्मृति चिन्ह भी प्रदान किए।
इस अवसर पर गायिका किंजल दवे ने भावुक होकर कहा कि यह उनका लगभग दो महीनों में दूसरा महाकाल दर्शन है। उन्होंने कहा, “बाबा महाकाल ने मुझे दोबारा यहां बुलाया है, मैं स्वयं को अत्यंत सौभाग्यशाली मानती हूं।” उन्होंने मंदिर प्रबंधन और सभी श्रद्धालुओं के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
अभिनेत्री मोनल गज्जर, जो मुख्य रूप से गुजराती और तेलुगु फिल्मों में सक्रिय हैं, इससे पहले भी 8 अप्रैल को महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए आ चुकी हैं। इस बार भी वे पूरी श्रद्धा और सादगी के साथ आरती में शामिल हुईं।
मंदिर परिसर में दोनों कलाकारों की उपस्थिति के दौरान भक्तों में उत्साह देखने को मिला, हालांकि पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण और धार्मिक मर्यादा के अनुरूप संपन्न हुआ।
श्री महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती को विशेष महत्व प्राप्त है, और इसमें शामिल होना श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत सौभाग्य की बात मानी जाती है। इस अवसर ने एक बार फिर उज्जैन की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक महत्व को उजागर किया।
