भारत की इस शानदार सफलता पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भारतीय महिला फुटबॉल टीम को बधाई देते हुए कहा कि खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में उत्कृष्ट कौशल, दृढ़ संकल्प और शानदार टीम भावना का प्रदर्शन किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि टीम की यह उपलब्धि देश की लाखों युवा लड़कियों को अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करेगी। राष्ट्रपति ने खिलाड़ियों के संघर्ष और समर्पण को भारतीय खेल जगत के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने भी भारतीय टीम की उपलब्धि को देश के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह जीत भारत में महिला फुटबॉल की लगातार बढ़ती ताकत और लोकप्रियता का प्रतीक है। उनके अनुसार, टीम की सफलता आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों को प्रेरित करेगी और महिला फुटबॉल को नई पहचान दिलाने में मदद करेगी।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी भारतीय महिला टीम को बधाई देते हुए कहा कि खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह जीत देश की नई पीढ़ी को फुटबॉल की ओर आकर्षित करेगी और महिला खेलों को और मजबूती प्रदान करेगी। वहीं केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने भारतीय महिला टीम को ‘ब्लू टाइग्रेस’ बताते हुए उनकी उपलब्धि को भारतीय फुटबॉल के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया।
टूर्नामेंट में भारतीय टीम का प्रदर्शन शुरुआत से ही प्रभावशाली रहा। खिलाड़ियों ने हर मुकाबले में अनुशासन, आक्रामकता और सामूहिक खेल का शानदार प्रदर्शन किया। फाइनल मुकाबले में भी भारतीय टीम ने दबाव को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया और बांग्लादेश के खिलाफ शुरू से ही आक्रामक रुख अपनाया। टीम ने तीन गोल दागकर मैच पर नियंत्रण बनाए रखा और अंततः 3-1 की जीत के साथ खिताब अपने नाम कर लिया।
यह जीत इसलिए भी विशेष मानी जा रही है क्योंकि भारत ने सात वर्षों बाद सैफ महिला चैंपियनशिप का ताज दोबारा हासिल किया है। लंबे अंतराल के बाद मिली इस सफलता ने भारतीय महिला फुटबॉल को नई पहचान और आत्मविश्वास प्रदान किया है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि आने वाले वर्षों में महिला फुटबॉल के विकास को गति दे सकती है और अधिक युवा खिलाड़ियों को इस खेल से जोड़ने में मददगार साबित होगी।
भारतीय महिला टीम की इस सफलता ने यह भी साबित कर दिया है कि देश में महिला खेल लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। सैफ चैंपियनशिप की यह ट्रॉफी केवल एक खिताब नहीं, बल्कि भारतीय महिला फुटबॉल के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव भी है।
