नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय राजनीति में एक नया अध्याय जोड़ते हुए देश के सबसे लंबे समय तक कार्यरत निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। उनके नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार के 12 वर्ष पूरे हो चुके हैं और इसी के साथ उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में लगातार सबसे लंबे कार्यकाल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने पहली बार 26 मई 2014 को देश के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद वर्ष 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में भी उनके नेतृत्व में एनडीए को सफलता मिली और उन्होंने लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। 9 जून 2026 तक उनके कार्यकाल के 4398 दिन पूरे हो चुके हैं, जो किसी निर्वाचित भारतीय प्रधानमंत्री के लिए अब तक का सबसे लंबा कार्यकाल माना जा रहा है।
इससे पहले यह रिकॉर्ड भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के नाम था। नेहरू ने 1952 के पहले आम चुनाव के बाद प्रधानमंत्री के रूप में अपना निर्वाचित कार्यकाल शुरू किया था और लगातार 4397 दिनों तक इस पद पर बने रहे थे। हालांकि वह 1947 से 1964 तक प्रधानमंत्री रहे, लेकिन स्वतंत्रता के बाद शुरुआती वर्षों में वह अंतरिम सरकार के प्रमुख के रूप में कार्य कर रहे थे। इसी कारण निर्वाचित प्रधानमंत्री के कार्यकाल की गणना अलग आधार पर की जाती है।
प्रधानमंत्री मोदी की इस उपलब्धि को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वह देश के पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री भी हैं जिन्होंने लगातार दो बार पूर्ण बहुमत वाली सरकार का नेतृत्व किया और तीसरे कार्यकाल में भी सत्ता की कमान संभाल रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह उपलब्धि भारतीय राजनीति में उनके लंबे प्रभाव और जनसमर्थन को दर्शाती है।
एनडीए सरकार इस अवसर को विशेष रूप से चिह्नित करने की तैयारी में है। 10 जून को गठबंधन शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और सहयोगी दलों के नेताओं की बैठक प्रस्तावित है। बैठक में पिछले 12 वर्षों के दौरान सरकार की प्रमुख उपलब्धियों, विकास योजनाओं और नीतिगत पहलों पर चर्चा किए जाने की संभावना है। गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हुए कार्यों को रेखांकित करने वाला प्रस्ताव भी पेश किया जा सकता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इससे पहले जुलाई 2025 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के लगातार प्रधानमंत्री रहने के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ा था। वहीं मार्च 2026 में उन्होंने एक और उपलब्धि हासिल की, जब गुजरात के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में उनके कुल शासनकाल ने भारत में सबसे लंबे समय तक सत्ता संभालने वाले नेताओं की सूची में उन्हें शीर्ष स्थान पर पहुंचा दिया।
राजनीतिक इतिहास में प्रधानमंत्री मोदी का नाम लगातार तीन लोकसभा चुनावों में जीत दर्ज कर सरकार बनाने वाले चुनिंदा नेताओं में भी शामिल हो चुका है। जवाहरलाल नेहरू के बाद वह दूसरे ऐसे नेता बने, जिन्होंने लगातार तीन आम चुनावों में अपने नेतृत्व में गठबंधन को जीत दिलाकर तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।
प्रधानमंत्री मोदी की एक और विशेष पहचान यह है कि वे स्वतंत्र भारत में जन्म लेने वाले पहले प्रधानमंत्री हैं। उनका जन्म 17 सितंबर 1950 को हुआ था, जबकि उनसे पहले देश के सभी प्रधानमंत्रियों का जन्म स्वतंत्रता से पूर्व हुआ था।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि केवल एक राजनीतिक रिकॉर्ड नहीं है, बल्कि पिछले एक दशक से अधिक समय से भारतीय राजनीति में बने नेतृत्व, चुनावी सफलता और प्रशासनिक निरंतरता का भी प्रतीक है। आने वाले वर्षों में यह रिकॉर्ड भारतीय राजनीतिक इतिहास की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में गिना जाएगा।
