मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान भिंड, दतिया, मुरैना, ग्वालियर, शिवपुरी, सागर, छतरपुर, छिंदवाड़ा, रीवा, सीधी, सिंगरौली, कटनी, मंडला, नरसिंहपुर, सतना और मऊगंज सहित 18 जिलों में तेज आंधी और बारिश हुई। सिंगरौली और नरसिंहपुर में धूलभरी आंधी ने जनजीवन को प्रभावित किया। कई स्थानों पर पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की घटनाएं भी सामने आईं।
सबसे ज्यादा असर जबलपुर में देखने को मिला, जहां 74 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चली। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ गिर गए और वाहनों को नुकसान पहुंचा। सीधी में 68 किलोमीटर प्रति घंटे, सागर में 59 किलोमीटर प्रति घंटे और ग्वालियर में 46 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। इसके अलावा आगर-मालवा, अशोकनगर, रीवा, गुना, शिवपुरी और शहडोल में भी तेज हवाओं का असर देखा गया।
बारिश और आंधी के बीच गर्मी का प्रकोप भी कम नहीं हुआ है। खजुराहो मंगलवार को प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कई अन्य जिलों में भी तापमान 42 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा, जिससे लोगों को उमस और गर्म हवाओं का सामना करना पड़ा।
मौसम विभाग ने बुधवार को बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, जबलपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर जिलों में बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, सागर और रीवा संभाग के कई जिलों में गर्मी का असर बरकरार रह सकता है।
दिलचस्प बात यह है कि मौसम विभाग ने पहले 10 और 11 जून के लिए कुछ जिलों में लू का अलर्ट जारी किया था, लेकिन ताजा पूर्वानुमान में स्थिति बदल गई है। अब 12 जून को मुरैना, भिंड, टीकमगढ़ और छतरपुर में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज आंधी और बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।
विशेषज्ञों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही नमी तथा सक्रिय प्री-मानसून सिस्टम के कारण मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। आने वाले दिनों में भी प्रदेशवासियों को गर्मी, आंधी और बारिश के मिले-जुले मौसम का सामना करना पड़ सकता है।
