श्रीजा की जिंदगी का पहला बड़ा और विवादास्पद मोड़ तब आया जब वे महज 19 वर्ष की थीं। साल 2007 में उन्होंने अपने तत्कालीन बॉयफ्रेंड सिरीश भारद्वाज के साथ शादी करने के लिए अपने परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर घर से भागने का फैसला किया था। उस दौर में इस हाई-प्रोफाइल कदम ने पूरे दक्षिण भारतीय मीडिया और राजनीतिक गलियारों में भारी तहलका मचा दिया था। सुरक्षा कारणों से इस युवा जोड़े को कोर्ट का दरवाजा तक खटखटाना पड़ा था। इस शादी से श्रीजा ने एक बेटी को जन्म दिया, लेकिन कुछ ही वर्षों में उनके रिश्ते में कड़वाहट आ गई और उन्होंने सिरीश पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाते हुए कानूनी रूप से दूरी बना ली। बाद में, सिरीश भारद्वाज के अचानक हुए निधन ने श्रीजा को जिंदगी का पहला बड़ा झटका और दर्द दिया।
इस दर्दनाक दौर से उबरने में उनके पिता चिरंजीवी और भाई राम चरण ने उनका पूरा साथ दिया और उन्हें वापस परिवार में ससम्मान शामिल किया। जीवन को एक नया मौका देने के उद्देश्य से, कोनिडेला परिवार ने साल 2016 में बेहद भव्य स्तर पर श्रीजा की दूसरी शादी का आयोजन किया। उनकी यह शादी उनके बचपन के दोस्त और बिजनेसमैन कल्याण देव के साथ हुई थी, जिसमें देश भर की बड़ी हस्तियों ने शिरकत की थी। शादी के बाद दोनों के घर एक बेटी का जन्म हुआ और कुछ समय तक सब कुछ बेहद सामान्य और खुशहाल नजर आ रहा था, जिससे प्रशंसकों को लगा कि श्रीजा की जिंदगी में अब स्थिरता आ चुकी है।
हालांकि, किस्मत को कुछ और ही मंजूर था और श्रीजा की यह दूसरी शादी भी लंबे समय तक नहीं टिक सकी। शादी के कुछ साल बाद ही दोनों के बीच वैचारिक मतभेद इस कदर बढ़ गए कि उन्होंने एक-दूसरे से पूरी तरह दूरी बना ली। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से एक-दूसरे की तस्वीरें हटाने और उपनाम बदलने के बाद इस रिश्ते के टूटने की आधिकारिक पुष्टि भी हो गई। अपनी दूसरी शादी का भी इस तरह दर्दनाक और असमय अंत देखना श्रीजा के लिए एक बहुत बड़ा मानसिक आघात था, जिसने उन्हें भीतर तक झकझोर कर रख दिया था।
मौजूदा समय में, दो शादियों के बेहद कड़वे और दर्दनाक अनुभवों से गुजरने के बाद श्रीजा पूरी तरह से एकांत में अपनी दोनों बेटियों की परवरिश कर रही हैं। एक सिंगल मदर के रूप में अपनी बेटियों के भविष्य को संवारने में जुटी श्रीजा ने हाल ही में अपने व्यक्तिगत दर्द को साझा करते हुए बताया था कि कैसे जीवन की इन कठिन परिस्थितियों ने उन्हें अंदर से मजबूत बनाया है। मुश्किल समय में उनका पूरा परिवार, विशेषकर उनके भाई राम चरण, एक मजबूत ढाल की तरह उनके साथ खड़े हैं, ताकि वे अपने जीवन के इस सबसे चुनौतीपूर्ण दौर से बाहर निकलकर एक नई और सकारात्मक शुरुआत कर सकें।
