इस प्रेस वार्ता में पूर्व मंत्री नरेंद्र नाहटा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र सिंह गुर्जर, पूर्व विधायक नवकृष्ण पाटिल, पूर्व विधायक पुष्पा भारती और पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रकाश रातड़िया सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र सिंह गुर्जर ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के पास स्पष्ट बहुमत था, इसके बावजूद भाजपा ने तीसरा उम्मीदवार उतारकर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि जब यह रणनीति सफल नहीं हुई तो “मिथ्या आधार” पर आपत्ति लगाकर मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त कराया गया।
कांग्रेस नेताओं ने इस पूरे घटनाक्रम को लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर गंभीर प्रहार बताया। उनका कहना है कि यह केवल एक उम्मीदवार का मामला नहीं, बल्कि निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था और संवैधानिक मूल्यों को कमजोर करने की कोशिश है।
पूर्व मंत्री नरेंद्र नाहटा ने कहा कि भाजपा लगातार लोकतंत्र को कमजोर करने की दिशा में काम कर रही है, जबकि पूर्व विधायक नवकृष्ण पाटिल ने आरोप लगाया कि सत्ता का दुरुपयोग कर पूरी चुनावी व्यवस्था को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है।
पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रकाश रातड़िया ने दावा किया कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ किसी भी आपराधिक मामले में न तो कोर्ट ने संज्ञान लिया है और न ही कोई मामला लंबित है। उन्होंने कहा कि नामांकन निरस्त करने का कोई वैधानिक आधार नहीं था। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि वे इस मामले को लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से आगे भी उठाते रहेंगे।
