पुलिस के अनुसार मंगलवार सुबह करीब 5:30 बजे मंदिर परिसर में यह खूनी वारदात हुई। बताया जा रहा है कि मंदिर का चौकीदार मुकेश शर्मा लंबे समय से शराब का आदी है और अक्सर नशे की हालत में मंदिर परिसर में विवाद करता था। मंदिर ट्रस्टी कैलाश मोदी उसे कई बार समझा चुके थे और उसके व्यवहार को लेकर लोगों की शिकायतें भी सामने आती रही थीं।
घटना वाले दिन भी मुकेश नशे की हालत में मंदिर पहुंचा था। जब कैलाश मोदी ने उसे समझाने का प्रयास किया तो वह भड़क गया। उसने पास में रखा डंडा उठा लिया और मोदी पर हमला करने दौड़ा। अपनी जान बचाने के लिए मोदी वहां से भागे, लेकिन आरोपी ने उनका पीछा नहीं छोड़ा। कुछ दूरी पर उन्हें पकड़कर डंडे से लगातार वार करना शुरू कर दिया।
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैलाश मोदी किसी तरह खुद को बचाते हुए पास स्थित गुरुद्वारे तक पहुंच गए। उन्होंने अंदर जाकर गेट बंद करने की कोशिश की, लेकिन आरोपी वहां भी पहुंच गया। सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहा है कि आरोपी ने गुरुद्वारे के भीतर उन्हें जमीन पर गिराकर सिर, हाथ और पैरों पर लगातार डंडे बरसाए। जानकारी के मुताबिक आरोपी ने करीब 31 बार हमला किया, जिससे मोदी गंभीर रूप से घायल हो गए।
हमले के बाद आरोपी उन्हें लहूलुहान अवस्था में छोड़कर फरार हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन सिर में गंभीर चोट और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
गुरुद्वारे के वाइस प्रेसिडेंट दिलराज छाबड़ा ने बताया कि घटना के समय सुबह का सत्संग चल रहा था और लाउडस्पीकर की आवाज के कारण किसी को हमले की भनक नहीं लगी। उन्होंने बताया कि कैलाश मोदी लंबे समय से मंदिर की सेवा कर रहे थे और क्षेत्र में उनका सम्मान था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपी मुकेश शर्मा के खिलाफ पहले भी शिकायतें की जा चुकी थीं। उसके व्यवहार और नशे की आदत को लेकर प्रशासन को कई बार अवगत कराया गया था, लेकिन समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं होने से यह दुखद घटना सामने आ गई।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर मामले की जांच जारी है। वहीं कैलाश मोदी की हत्या से पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।
