घटना पड़रहा गांव की है जहां 40 वर्षीय विद्या कुशवाहा ने कथित तौर पर अज्ञात कारणों के चलते जहरीला पदार्थ खा लिया। परिजनों के अनुसार महिला पहले से ही मानसिक तनाव में थी क्योंकि इसी वर्ष उनके बेटे की मौत हो चुकी थी। घटना के बाद परिजनों ने तुरंत ‘108’ एंबुलेंस सेवा को कॉल किया लेकिन आरोप है कि एंबुलेंस करीब ढाई घंटे बाद मौके पर पहुंची।
महिला को पहले अजयगढ़ अस्पताल ले जाया गया जहां से गंभीर हालत देखते हुए उसे जिला अस्पताल पन्ना रेफर कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि यहां भी एंबुलेंस समय पर उपलब्ध नहीं हो सकी जिसके चलते वे निजी वाहन से महिला को लेकर निकले लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
इसके बाद भी परिजनों की परेशानियां खत्म नहीं हुईं। सुबह पुलिस द्वारा पंचनामा की कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया लेकिन आरोप है कि वहां करीब तीन घंटे तक कोई डॉक्टर उपलब्ध नहीं हुआ। परिजन लगातार अस्पताल परिसर में अधिकारियों और डॉक्टरों से गुहार लगाते रहे लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं हो सकी।
लंबे इंतजार और लगातार अनदेखी से नाराज परिजनों ने जिला अस्पताल में हंगामा किया जिसके बाद आनन-फानन में डॉक्टर को बुलाकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की गई। यह पूरा मामला एक बार फिर ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं आपातकालीन एंबुलेंस व्यवस्था और अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
