इस दिल दहला देने वाली घटना के पीछे की कहानी बेहद दर्दनाक और उलझी हुई नजर आती है। पुलिस और पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सुनील प्रसाद शनिवार की शाम से ही अचानक लापता हो गए थे लेकिन घर से निकलने से पहले उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों के मोबाइल पर एक ऐसा मैसेज भेजा जिसने सबके पैरों तले जमीन खिसका दी। इस आखिरी मैसेज में उन्होंने साफ तौर पर “खुदकुशी करने की बात” लिखी थी। इस संदेश को पढ़ते ही बदहवास परिजन अनहोनी की आशंका से घबरा गए और पूरी रात उन्हें हर संभावित जगह पर तलाशते रहे मगर उनका कहीं कोई सुराग नहीं मिला। आखिरकार रविवार की सुबह उनकी यह तलाश बरखेड़ा पठानी के पास स्थित एक नाले पर जाकर थमी जहाँ सुनील प्रसाद का बेजान और लहूलुहान शव तैरता हुआ पाया गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की एक विशेष टीम तुरंत मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मुआयना शुरू किया। शुरुआती फॉरेंसिक जांच और पंचनामे में यह बात सामने आई है कि मृतक के हाथ की नस बेरहमी से कटी हुई थी। बताया जा रहा है कि सुनील प्रसाद पिछले काफी समय से मानसिक मोर्चे पर एक बेहद कठिन दौर से गुजर रहे थे और गंभीर “अवसाद यानी डिप्रेशन” का शिकार थे। कयासों का बाजार गर्म है कि इसी मानसिक तनाव और अवसाद के चलते उन्होंने शायद यह आत्मघाती कदम उठाया होगा। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इस मामले में इतनी जल्दी किसी अंतिम नतीजे पर नहीं पहुंचना चाहते हैं। पुलिस ने अभी तक किसी भी तरह की गहरी साजिश या सोची-समझी हत्या की आशंका से पूरी तरह इनकार नहीं किया है और हर सुराग को खंगाला जा रहा है।
इस पूरी त्रासदी का सबसे दुखद पहलू यह है कि सुनील प्रसाद के घर में बहुत जल्द ही खुशियों की शहनाइयां गूंजने वाली थीं लेकिन इस वज्रपात ने पूरे हंसते-खेलते परिवार को बुरी तरह झकझोर कर रख दिया है। घर में आगामी नवंबर महीने में उनके इकलौते बेटे की शादी तय थी जिसकी तैयारियां पूरे जोर-शोर से चल रही थीं और हर कोई इस मांगलिक कार्य को लेकर बेहद उत्साहित था। इतना ही नहीं इसके ठीक अगले महीने यानी दिसंबर में सुनील प्रसाद भेल से अपनी लंबी और सम्मानीय सेवा के बाद सेवानिवृत्त (Retire) होने वाले थे। एक तरफ जहाँ घर में बहू के स्वागत का जश्न होना था और दूसरी तरफ रिटायरमेंट के बाद सुकून के दिन बिताने की योजनाएं थीं ठीक उससे पहले हुए इस खौफनाक हादसे ने कई अनुत्तरित सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस ने शव को पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए हमीदिया अस्पताल भेज दिया है और मर्ग कायम कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का मानना है कि विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का पूरी तरह से खुलासा हो सकेगा कि यह वाकई डिप्रेशन में की गई खुदकुशी है या फिर इसके पीछे कोई गहरी आपराधिक साजिश छिपी है।
