जानकारी के अनुसार नरवर निवासी धर्मेंद्र शेरवाल, कालू नागवंशी और रोशन रोज की तरह मजदूरी के लिए उज्जैन जा रहे थे। तीनों एक ही बाइक पर सवार होकर सुबह घर से निकले थे। जब वे सेमलिया फंटे के पास फोरलेन सड़क पार कर रहे थे तभी देवास की ओर से तेज गति से आ रहे डंपर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे और डंपर की चपेट में आ गए।
हादसे में 39 वर्षीय धर्मेंद्र शेरवाल की मौके पर ही मौत हो गई। अचानक हुई इस घटना से आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी। गंभीर रूप से घायल कालू नागवंशी और रोशन को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। कालू की हालत नाजुक होने के कारण उसे देवास के अमलतास अस्पताल रेफर किया गया है जबकि रोशन का इलाज उज्जैन के चरक अस्पताल में जारी है।
घटना की खबर मिलते ही गांव में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और हादसे के लिए जिम्मेदार डंपर चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करने लगे। गुस्साए ग्रामीणों ने कुछ समय के लिए देवास रोड पर प्रदर्शन किया और नारेबाजी करते हुए प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। लोगों का कहना था कि इस मार्ग पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार लंबे समय से दुर्घटनाओं का कारण बन रही है लेकिन इसके बावजूद प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
सूचना मिलने पर नरवर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाइश देकर स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषी चालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त कराया गया।
पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त डंपर को जब्त कर लिया है और चालक की तलाश शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार को हादसे का प्रमुख कारण माना जा रहा है। वहीं मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है।
इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की लापरवाह ड्राइविंग पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन समय रहते प्रभावी कदम उठाए तो ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है और कई परिवारों को उजड़ने से बचाया जा सकता है।
