शिवपुरी। मानसून की मेहरबानी से शिवपुरी का अटल सागर (मड़ीखेड़ा) बाँध इन दिनों प्रकृति प्रेमियों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। पहाड़ियों, हरियाली और विशाल जलराशि से घिरा यह क्षेत्र बारिश के मौसम में अपने सबसे खूबसूरत रूप में नजर आता है। बाँध में पानी का स्तर लगातार बढ़ने से यहां का प्राकृतिक नजारा और भी मनमोहक हो गया है।
21 अगस्त 2026 की सुबह 8 बजे तक अटल सागर बाँध 74.30 प्रतिशत भर चुका है। बाँध का वर्तमान जल स्तर 342.60 मीटर है, जबकि अधिकतम जल स्तर 346.25 मीटर निर्धारित है। यानी विशाल जलाशय अपने अधिकतम स्तर से महज 3.65 मीटर दूर है। वर्तमान में बाँध में करीब 620.27 मिलियन क्यूबिक मीटर उपयोगी जल संग्रहित है।
बारिश ने बदला अटल सागर का रंग-रूप
बीते 24 घंटे में बाँध क्षेत्र में 17 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। इसके साथ ही मानसून सीजन में अब तक कुल 617 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है।
बारिश के बाद अटल सागर के आसपास की पहाड़ियां, वन क्षेत्र और जलाशय का विस्तृत फैलाव प्रकृति प्रेमियों को आकर्षित कर रहा है। बादलों से ढकी पहाड़ियों और पानी से लबालब जलाशय का दृश्य यहां आने वाले पर्यटकों के लिए यादगार अनुभव बन सकता है।
पानी की लहरों के साथ बिजली भी
बाँध में फिलहाल पानी की आवक और निकासी संतुलित है। पिछले 24 घंटे में औसतन 50.58 क्यूमेक्स पानी की आवक हुई और इतनी ही मात्रा में पानी की निकासी की जा रही है। राहत की बात यह है कि जल स्तर नियंत्रण में होने के कारण स्पिलवे के मुख्य गेट फिलहाल बंद हैं।
बाँध से 46.08 क्यूमेक्स पानी पावर हाउस के जरिए बिजली उत्पादन के लिए छोड़ा जा रहा है, जबकि 4.50 क्यूमेक्स पानी उकायला के माध्यम से निकाला जा रहा है।
घूमने वालों के लिए मानसून में खास आकर्षण
अटल सागर सिर्फ एक जलाशय नहीं, बल्कि बारिश के मौसम में पानी, पहाड़ियों, बादलों और हरियाली का खूबसूरत संगम बन जाता है। प्रकृति और फोटोग्राफी पसंद करने वालों के लिए यह मौसम विशेष रूप से आकर्षक है। सुबह और शाम के समय बदलते आसमान, जलाशय पर पड़ती रोशनी और आसपास की हरियाली शानदार दृश्य प्रस्तुत करती है।
हालांकि पर्यटकों को जलाशय और बांध के प्रतिबंधित क्षेत्रों से दूर रहना चाहिए। तेज बारिश के दौरान जलस्तर और जलप्रवाह तेजी से बदल सकते हैं, इसलिए सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विभागीय निर्देशों का पालन करना जरूरी है।
फिलहाल अटल सागर का पानी बढ़ रहा है और शिवपुरी की धरती पर मानसून ने एक बार फिर प्रकृति का खूबसूरत कैनवास सजा दिया है।
