नई दिल्ली। छोटे और मंझोले व्यवसायों (SMEs) के लिए बड़ी खबर है। केंद्र सरकार ने कारोबार शुरू करने की प्रक्रिया को और आसान बनाने के लिए 1 नवंबर 2025 से “सरल जीएसटी रजिस्ट्रेशन स्कीम” शुरू करने का ऐलान किया है। इस स्कीम के तहत, कम जोखिम वाले व्यवसाय अब केवल तीन कार्यदिवसों में जीएसटी पंजीकरण प्राप्त कर सकेंगे।
सरकार का यह कदम ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देने और देश के टैक्स बेस को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सरल जीएसटी रजिस्ट्रेशन स्कीम: मुख्य बातें
लागू होने की तारीख: 1 नवंबर 2025
रजिस्ट्रेशन समय: केवल 3 कार्यदिवस
लाभार्थी
छोटे और मंझोले व्यवसाय जिन्हें GST डेटा एनालिसिस के आधार पर “लो-रिस्क” यानी कम जोखिम वाला माना जाएगा।
ऐसे कारोबारी जिनका मासिक कुल आउटपुट टैक्स ₹2.5 लाख से अधिक नहीं है।
लचीलापन: कारोबारी अपनी इच्छा से इस स्कीम में शामिल हो सकते हैं और जरूरत पड़ने पर बाहर भी निकल सकते हैं।
जीएसटी काउंसिल ने इस प्रस्ताव को 3 सितंबर 2025 को मंजूरी दी थी।
वित्त मंत्री का बयान: 96% नए आवेदकों को मिलेगा लाभ
गाज़ियाबाद में सीजीएसटी भवन उद्घाटन के अवसर पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस नई स्कीम से लगभग 96% नए जीएसटी आवेदकों को फायदा होने की उम्मीद है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्कीम को तेजी से और बिना किसी बाधा के लागू किया जाए। साथ ही, सीबीआईसी को निर्देशित किया गया कि जीएसटी सेवा केंद्रों पर विशेष हेल्प डेस्क बनाया जाए, जिससे छोटे व्यवसायियों को पंजीकरण में आसानी हो।
कारोबारियों को औपचारिक अर्थव्यवस्था से जोड़ने का बड़ा कदम
देश में वर्तमान में लगभग 1.54 करोड़ व्यवसाय जीएसटी के तहत पंजीकृत हैं। सरकार का मानना है कि यह ‘सरल स्कीम’ नए कारोबारियों को जीएसटी से जोड़ने में मदद करेगी, जिससे टैक्स बेस बढ़ेगा और कर प्रणाली में पारदर्शिता आएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह पहल छोटे उद्यमों को बिना जटिल कागज़ी प्रक्रिया के औपचारिक अर्थव्यवस्था में लाने और उनके व्यवसाय को बढ़ाने में मदद करेगी।
जीएसटी सेवा केंद्र: छोटे कारोबारियों के लिए आसान पहुँच
जीएसटी सेवा केंद्र (GST Seva Kendra) का उद्देश्य छोटे व्यवसायियों और करदाताओं को जीएसटी से संबंधित सेवाओं में आसान पहुँच प्रदान करना है।
सुविधा और सहायता
फॉर्म भरना, दस्तावेज़ अपलोड करना, जीएसटी रिटर्न दाखिल करना
सामान्य प्रश्नों के उत्तर देने और पंजीकरण प्रक्रिया में मदद
ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस को बढ़ावा:
पारदर्शी और जवाबदेह कर प्रणाली
छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों तक सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित
सरल जीएसटी स्कीम और जीएसटी सेवा केंद्र की पहल से छोटे व्यवसायियों के लिए व्यापार शुरू करना और बढ़ाना अब पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा।
