श्रम विभाग ने महंगाई सूचकांक के आधार पर न्यूनतम वेतन दरों में संशोधन किया है। श्रमायुक्त शीतला पटले की ओर से जारी आदेश में अलग अलग नियोजन में काम करने वाले श्रमिकों के लिए दैनिक श्रम के आधार पर नई दरें तय की गई हैं। सामान्य नियोजन की 67 श्रेणियों में आने वाले श्रमिकों का वेतन 26 कार्य दिवस के आधार पर निर्धारित किया गया है। इसके तहत अकुशल श्रमिक को 12575 रुपए प्रतिमाह अर्द्धकुशल श्रमिक को 13571 रुपए कुशल श्रमिक को 15294 रुपए और उच्च कुशल श्रमिक को 16919 रुपए मासिक न्यूनतम वेतन मिलेगा।
इस बदलाव में परिवर्तनशील महंगाई भत्ता भी शामिल है। इसका उद्देश्य महंगाई के असर के बीच श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में समय समय पर बदलाव करना है। अलग अलग श्रेणियों और काम के आधार पर दैनिक वेतन दरें निर्धारित की गई हैं। इससे उद्योगों सरकारी विभागों और अन्य नियोजनों में न्यूनतम वेतन के दायरे में आने वाले कर्मचारियों के भुगतान में बदलाव होगा।
मुद्रणालय यानी प्रिंटिंग प्रेस में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए भी नई दरें निर्धारित की गई हैं। लिपिकीय वर्ग में अकुशल श्रमिक के लिए 484 रुपए प्रतिदिन जबकि अलग अलग श्रेणियों में 522 रुपए से लेकर 651 रुपए प्रतिदिन तक की दरें तय की गई हैं। अर्द्धकुशल श्रमिकों के लिए श्रेणी के हिसाब से 522 रुपए और 588 रुपए प्रतिदिन की दर लागू होगी। उच्च कुशल श्रमिकों के लिए भी अलग अलग श्रेणी के अनुसार भुगतान तय किया गया है।
कृषि और अन्य क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों के लिए भी संशोधित न्यूनतम वेतन व्यवस्था लागू होगी। अगरबत्ती बनाने वाले श्रमिकों के लिए भी अलग दरें निर्धारित की गई हैं। अगरबत्ती रोलिंग में एक हजार अगरबत्ती तैयार करने पर कुल 74.75 रुपए और सुगंधित स्टिक के लिए कुल 75 रुपए की दर निर्धारित की गई है।
मध्य प्रदेश में श्रमिकों के न्यूनतम वेतन में यह इस साल का दूसरा महत्वपूर्ण बदलाव है। इससे पहले 1 अप्रैल 2026 से नई न्यूनतम वेतन दरें लागू की गई थीं। उस समय परिवर्तनशील महंगाई भत्ते के कारण श्रमिकों के वेतन में औसतन 9 रुपए प्रतिदिन यानी करीब 234 रुपए मासिक की बढ़ोतरी हुई थी। उस वृद्धि का लाभ भी सरकारी विभागों के करीब 10 लाख और निजी क्षेत्र तथा उद्योगों में काम करने वाले लगभग 40 लाख श्रमिकों को मिला था। अब अक्टूबर से लागू नई दरों के बाद श्रमिकों के भुगतान में एक बार फिर संशोधन किया गया है।
