41 वर्षीय बीजे वॉटलिंग 16 नवंबर से टीम के साथ जुड़कर ल्यूक रोंची के साथ काम शुरू करेंगे। इसे जिम्मेदारी संभालने से पहले का ट्रांजिशन पीरियड माना जा रहा है। इसके बाद न्यूजीलैंड के ऑस्ट्रेलिया दौरे से वॉटलिंग पूरी तरह बैटिंग कोच की भूमिका में नजर आएंगे। न्यूजीलैंड को ऑस्ट्रेलिया में चार मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी है। इस तरह भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज के बाद टीम के बैटिंग कोच की जिम्मेदारी में बदलाव हो जाएगा।
वॉटलिंग का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर 2021 में समाप्त हुआ था, लेकिन उनका क्रिकेट अनुभव काफी लंबा रहा है। उन्होंने न्यूजीलैंड के लिए 75 टेस्ट, 28 वनडे और 5 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले। इन मैचों में उन्होंने कुल 4401 रन बनाए, जिसमें 8 शतक और 24 अर्धशतक शामिल हैं। घरेलू क्रिकेट में भी उनका लंबा अनुभव रहा है। उन्होंने न्यूजीलैंड, नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट्स और डरहम के लिए कुल 178 फर्स्ट क्लास मैच खेले। इस दौरान उन्होंने 18 शतकों की मदद से 10034 रन बनाए। विकेटकीपर के तौर पर उनके नाम 450 कैच दर्ज हैं।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद वॉटलिंग ने कोचिंग को अपने करियर का अगला हिस्सा बनाया। वह वेलिंगटन फायरबर्ड्स और नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट्स के साथ काम कर चुके हैं। नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट्स के मुख्य कोच के तौर पर उनका कार्यकाल खासा सफल रहा। उनकी कोचिंग में टीम ने 2024-25 में प्लंकेट शील्ड और 2025-26 में सुपर स्मैश का खिताब जीता। हालिया सफलता के बाद अब उन्हें न्यूजीलैंड की राष्ट्रीय टीम के साथ बड़ी जिम्मेदारी दी गई है।
नई भूमिका मिलने पर वॉटलिंग ने खुशी जताई और मौजूदा टीम के साथ दोबारा जुड़ने को खास अवसर बताया। उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में टीम और सपोर्ट स्टाफ की उपलब्धियों की तारीफ की और विश्वस्तरीय टीम में अपना योगदान देने को लेकर उत्साह जताया। न्यूजीलैंड के चीफ हाई परफॉर्मेंस ऑफिसर डैरिल गिब्सन ने भी उनकी नियुक्ति का समर्थन किया। उन्होंने वॉटलिंग के हालिया कोचिंग प्रदर्शन और मौजूदा खिलाड़ियों के साथ उनके अच्छे रिश्तों को अहम बताया। टेस्ट कप्तान टॉम लैथम ने भी वॉटलिंग की वापसी का स्वागत किया। उनके मुताबिक वॉटलिंग ने खेल के दिनों में टीम की पहचान को पूरी तरह अपनाया था और उनका जुनून, मेहनत तथा प्रतिबद्धता अब कोचिंग में भी दिखाई देगी।
