ED ने महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप सिंडिकेट मामले में छत्तीसगढ़ की रायपुर कोर्ट में चार्जशीट पेश की है। चार्जशीट में शेफाली बग्गा का भी उल्लेख किया गया है। इसमें बताया गया है कि उन्हें महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप सिंडिकेट से जुड़े लोगों से ऐप के प्रचार के बदले रकम मिली थी, जिसे उन्होंने बाद में एजेंसी को सौंप दिया। यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि जांच के दौरान सामने आई जानकारी के अनुसार, किसी व्यक्ति द्वारा सिंडिकेट से प्राप्त अपराध की आय को खुद एजेंसी के पास लौटाने का यह पहला ऐसा मामला हो सकता है। शेफाली की सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में फैन फॉलोइंग भी है।
इस मामले में ED ने कुल 42 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर की है। इनमें Ebix ग्रुप के चेयरमैन विकास गर्ग भी शामिल हैं। एजेंसी ने विकास गर्ग को पहले गिरफ्तार किया था और उनकी गिरफ्तारी से पहले करीब 940 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क की गई थी। आरोप है कि विकास गर्ग महादेव बेटिंग सिंडिकेट से अपराध के जरिए प्राप्त रकम को मास्टरमाइंड हरिशंकर तिब्रेवाल के माध्यम से अपनी कंपनियों तक पहुंचा रहे थे। जांच के मुताबिक, तिब्रेवाल ने FPI और बॉन्ड के जरिए महादेव बेटिंग सिंडिकेट और स्काई एक्सचेंज बेटिंग सिंडिकेट से प्राप्त सैकड़ों करोड़ रुपये की कथित अपराध की आय को विकास गर्ग की कंपनियों में भेजा।
जांच में यह भी आरोप लगाया गया है कि विकास गर्ग और हरिशंकर तिब्रेवाल ने कुछ अन्य लोगों के जरिए इस रकम का इस्तेमाल गर्ग की कई सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों की कीमतों में हेरफेर करने के लिए किया। विकास गर्ग दिल्ली भाजपा के सदस्य थे, लेकिन गिरफ्तारी सामने आने के बाद उन्हें पार्टी से हटा दिया गया। इसी मामले में EaseMyTrip के प्रमोटर निशांत पिट्टी के खिलाफ भी चार्जशीट दायर की गई है। उन पर हरिशंकर तिब्रेवाल से मिली करीब 59 करोड़ रुपये की कथित अपराध की कमाई को आगे बढ़ाने का आरोप है।
महादेव बेटिंग सिंडिकेट की जांच के दौरान ED ने कई बॉलीवुड हस्तियों को भी समन भेजे थे। इनमें अभिनेता, अभिनेत्री, परफॉर्मर और गायक शामिल रहे हैं। जांच के अनुसार, कुछ लोगों ने सिंडिकेट के प्रमोटरों या उनके सहयोगियों के निमंत्रण पर विदेशों में आयोजित कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था, जबकि कुछ पर वीडियो और क्लिप के जरिए महादेव ऑनलाइन बेटिंग सिंडिकेट का प्रचार करने का आरोप है। ED की लेटेस्ट चार्जशीट के मुताबिक, सिंडिकेट में अपराध से हुई कुल आय 75,000 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है और एजेंसी को आशंका है कि वास्तविक रकम इससे भी ज्यादा हो सकती है। सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल समेत कई प्रमोटर अब भी फरार हैं। मामले में अब तक ED छह चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।
