नवरात्र से पहले सबसे पहले पूरे घर की अच्छी तरह सफाई करने की बात कही गई है। घर के कोने-कोने की सफाई के साथ टूटी-फूटी और कबाड़ की चीजों को भी बाहर कर देना चाहिए। इसके बाद पूजा स्थल की भी अच्छी तरह सफाई करनी चाहिए। भगवान के वस्त्र और पूजा के बर्तनों को धोकर साफ करने के साथ पूजा सामग्री रखने की जगह को भी व्यवस्थित करना जरूरी बताया गया है। पूजा स्थल पर मौजूद निर्माल्य को हटा देना चाहिए और जो पूजा सामग्री खत्म हो गई है, उसकी सूची बनाकर उसे पहले ही खरीद लेना चाहिए।
यदि नवरात्र में अखंड ज्योति जलानी है या घटस्थापना करनी है, तो उससे जुड़ी सभी जरूरी सामग्री एक दिन पहले ही लाकर रख लेने की सलाह दी गई है। पूजा के लिए साफ चौकी की व्यवस्था भी पहले कर लेनी चाहिए, ताकि नवरात्र के पहले दिन पूजा की तैयारियों में जल्दबाजी न करनी पड़े। घर की सफाई और पूजा स्थल की व्यवस्था पहले से पूरी होने पर नौ दिनों तक पूजा-पाठ के दौरान जरूरी चीजें आसानी से उपलब्ध रह सकती हैं।
नवरात्र से पहले घर में रखी तामसिक चीजों को हटाने की भी बात कही गई है। इनमें लहसुन-प्याज, नॉनवेज और शराब जैसी चीजें शामिल हैं। यदि किसी कारण से इन्हें घर से पूरी तरह हटाना संभव न हो, तो इन्हें अलग स्थान पर रखने की सलाह दी गई है। इन्हें पूजा स्थल या उस जगह के पास नहीं रखना चाहिए, जहां भोग तैयार किया जाता है। जिन घरों में नॉनवेज भोजन बनाया जाता है, वहां भोग, प्रसाद और व्रत का भोजन तैयार करने के लिए अलग बर्तनों की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है। नॉनवेज बनाने वाले बर्तनों में भोग या व्रत का भोजन नहीं बनाना चाहिए।
नवरात्र के दौरान बाल और नाखून कटवाना वर्जित माना जाता है। खासतौर पर नवरात्र का व्रत रखने वाले लोगों को इन नौ दिनों में बाल और नाखून नहीं कटवाने की सलाह दी जाती है। इसलिए यह काम नवरात्र शुरू होने से पहले ही पूरा कर लेना बेहतर बताया गया है। इन तैयारियों के अलावा घटस्थापना के मुहूर्त की जानकारी भी पहले से रखना जरूरी है। 11 अक्टूबर 2026 को घटस्थापना के लिए सुबह का शुभ मुहूर्त 6:19 बजे से 10:12 बजे तक रहेगा। वहीं अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:44 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक रहेगा। नवरात्र की पूजा के लिए घर और पूजा स्थल की साफ-सफाई तथा आवश्यक सामग्री की व्यवस्था पहले से करने से तैयारियों को समय पर पूरा किया जा सकता है।
