मल्हार पाटेकर से पूछा गया कि अंतिम संस्कार इतनी देर रात क्यों किया गया, जबकि कई अन्य लोग और फिल्म जगत की हस्तियां भी नाना को अंतिम विदाई देने के लिए पहुंचना चाहती थीं। सवाल में यह भी कहा गया कि बॉलीवुड के कई लोग अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके, ऐसे में उसी रात अंतिम विदाई देने की क्या जरूरत थी। इस पर मल्हार ने स्पष्ट किया कि परिवार के फैसले के पीछे ऐसी कोई खास वजह नहीं थी, जैसा सवाल में पूछा जा रहा था।
मल्हार ने बताया कि नाना पाटेकर के साथ यह घटना सुबह जल्दी हुई थी और तब तक काफी समय बीत चुका था। इसलिए परिवार ने उसी दिन अंतिम संस्कार करने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई विशेष कारण नहीं था कि अंतिम संस्कार रात में ही करना जरूरी था या अगले दिन नहीं किया जा सकता था। परिवार ने परिस्थितियों को देखते हुए उसी दिन उन्हें विदाई देने का निर्णय लिया। इस तरह मल्हार ने देर रात अंतिम संस्कार किए जाने को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब दिया।
नाना पाटेकर को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। उनके अंतिम सफर के दौरान ‘नाना साहेब अमर रहें’ के नारे भी सुनाई दिए। अंतिम संस्कार में अभिनेता जैकी श्रॉफ, फिल्म निर्देशक अनिल शर्मा, प्रवीण तरड़े, ‘क्रांतिवीर’ के निर्देशक मेहुल कुमार, लेखक किरण और महेश मांजरेकर की पत्नी मेधा मांजरेकर सहित कई लोग शामिल हुए। नाना के चाहने वाले और करीबी भी उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे। उनके निधन से फिल्म जगत में शोक का माहौल रहा।
नाना पाटेकर की तबीयत गोवा स्थित उनके फ्लैट में बिगड़ी थी। जानकारी के मुताबिक, उन्हें सीने में तेज दर्द हुआ था। इसके बाद उनके बेटे मल्हार के अनुसार, घर पर मेडिकल टीम बुलाई गई। टीम जब पहुंची, तब नाना बेहोशी की हालत में थे। उन्हें बचाने की कोशिश की गई और फिर तुरंत मणिपाल अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उनकी जान बचाने के लिए प्रयास जारी रखे।
अस्पताल में डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक सीपीआर देकर नाना पाटेकर को बचाने की कोशिश की, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद सुबह 5 बजकर 20 मिनट पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। 75 वर्ष की उम्र में उनके निधन के बाद परिवार ने उसी दिन अंतिम संस्कार करने का फैसला लिया। मल्हार के बयान के अनुसार, सुबह घटना होने और काफी समय बीत जाने के कारण परिवार ने देर रात अंतिम विदाई दी। अंतिम संस्कार में मौजूद लोगों ने नाना को श्रद्धांजलि दी और उन्हें याद किया।
