भारत में लागू नियमों के अनुसार, ओटीटी मंचों और ऑनलाइन चुने गए कंटेंट के प्रकाशकों (ओसीसीपी) के लिए शिकायतों के निवारण के उद्देश्य से किसी मान्यता प्राप्त स्व-नियामक संगठन का सदस्य होना अनिवार्य है। फोनपे अपने व्यापारी पंजीकरण की प्रक्रिया में इस आवश्यकता को जरूरी शर्त के रूप में लागू करता है। ऐसे में एसआरओ की सदस्यता और प्रमाणन से जुड़ी जानकारी व्यापारियों के लिए महत्वपूर्ण हो जाती है। दोनों संस्थाओं के बीच हुए समझौते का उद्देश्य इस प्रक्रिया को समझने और पूरा करने में व्यापारियों की मदद करना है।
डीपीसीजीसी सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 के तहत गठित दूसरे स्तर की स्व-नियामक संस्था है। यह सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के साथ पंजीकृत है। समझौते के जरिए फोनपे और डीपीसीजीसी ओटीटी मंचों तथा ऑनलाइन कंटेंट के प्रकाशकों के बीच नियामकीय नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए संयुक्त रूप से काम करेंगे। दोनों संस्थाओं ने माना है कि इस क्षेत्र में काम करने वाले कई व्यापारियों को एसआरओ की सदस्यता और उससे संबंधित प्रक्रियाओं की पर्याप्त जानकारी नहीं है। इसी कमी को दूर करने के लिए मौजूदा और नए व्यापारियों तक नियमों से जुड़ी जानकारी पहुंचाने की योजना है।
इस संयुक्त पहल के तहत व्यापारियों को लागू नियामकीय आवश्यकताओं को समझने में सहायता मिलेगी। साथ ही, डीपीसीजीसी के माध्यम से उनके एसआरओ प्रमाणन की प्रक्रिया को सरल बनाने का प्रयास किया जाएगा। इससे व्यापारियों को पंजीकरण के दौरान जरूरी शर्तों की जानकारी प्राप्त करने और उनका पालन करने में मदद मिलने की उम्मीद है। साझेदारी का एक प्रमुख उद्देश्य तेजी से विस्तार कर रहे ओटीटी क्षेत्र में शिकायत निवारण व्यवस्था और स्व-नियमन से जुड़ी प्रक्रियाओं के बारे में समझ बढ़ाना भी है। इस सहयोग से फोनपे की ऐसे भुगतान भागीदार के रूप में स्थिति मजबूत होने की उम्मीद जताई गई है, जो नियामकीय नियमों के पालन पर ध्यान देता है।
इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. सुभो रे ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी नियमों के तहत स्थापित डीपीसीजीसी स्व-नियमन के माध्यम से ओटीटी मंचों से संबंधित शिकायतों और समस्याओं का प्रभावी समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उनके अनुसार, डीपीसीजीसी और फोनपे के बीच सहयोग से आचार संहिता के बेहतर अनुपालन को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्व-नियमन का दायरा बढ़ाने और इसके लाभ उद्योग के साथ-साथ उपयोगकर्ताओं तक पहुंचाने में सहायता मिल सकती है।
फोनपे के पेमेंट हेड दीप अग्रवाल ने कहा कि कंपनी की सभी सेवाओं में नियमों का पालन और ग्राहकों का भरोसा महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में ओटीटी क्षेत्र का विस्तार हुआ है और इसकी पहुंच तेजी से बढ़ी है। डीपीसीजीसी के साथ समझौते से ओटीटी मंचों के बीच जागरूकता बढ़ाने और ग्राहकों की शिकायतों के निवारण से संबंधित नियमों की समझ विकसित करने में मदद मिलेगी। इस पहल का उद्देश्य भारत के तेजी से बढ़ते ओटीटी क्षेत्र में नियामकीय अनुपालन, जागरूकता और भरोसे को मजबूत करने में योगदान देना है।
