मुलाकात के लिए शुरुआत में 15 सांसदों के प्रतिनिधिमंडल का समय मांगा गया था, लेकिन उपलब्ध जानकारी के अनुसार, राष्ट्रपति से मिलने के लिए 10 सांसदों को समय दिया गया है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बताया कि राष्ट्रपति से मुलाकात का पहला अनुरोध 2 अक्टूबर को भेजा गया था। विपक्षी दल चाहते हैं कि SIR प्रक्रिया और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े सवालों पर राष्ट्रपति को अपनी बात बताई जाए। शुक्रवार रात होने वाली बैठक में प्रतिनिधिमंडल अपनी मांगों और चिंताओं को सामने रखेगा।
INDIA ब्लॉक के दल SIR प्रक्रिया पर लगातार सवाल उठा रहे हैं। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि मतदाता सूची में संशोधन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के नाम हटाए गए हैं, जिससे उनके मतदान के अधिकार पर असर पड़ सकता है। विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी कर रहे हैं। उनका कहना है कि चुनाव आयोग को मतदाता सूची में किए गए बदलावों और नाम हटाने की प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट जवाब देना चाहिए। दूसरी ओर, चुनाव आयोग और सत्तारूढ़ भाजपा ने चुनावी प्रक्रिया में पक्षपात के आरोपों को खारिज किया है।
विपक्ष का प्रदर्शन 6 अक्टूबर को उस समय तेज हुआ, जब INDIA ब्लॉक के सांसदों ने चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर मार्च करने की कोशिश की। पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें आगे बढ़ने से रोका। इस दौरान राहुल गांधी समेत कई विपक्षी सांसदों को हिरासत में लिया गया। अगले दिन, 7 अक्टूबर को भी सांसदों ने विरोध प्रदर्शन जारी रखा और जंतर-मंतर की ओर बढ़ने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इन घटनाओं के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारी सांसदों के बीच तनाव की स्थिति बनी।
8 अक्टूबर को विपक्षी नेताओं ने राजघाट पर प्रदर्शन किया और महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान भी SIR प्रक्रिया और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े मुद्दे उठाए गए। प्रदर्शन के साथ-साथ विपक्षी दलों के नेताओं ने अपनी आगे की रणनीति पर भी चर्चा की। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने लगातार दो दिनों तक विपक्षी सांसदों के लिए दिल्ली में दोपहर के भोजन की बैठक आयोजित की। 7 अक्टूबर को सांसद जनपथ स्थित सागर रत्ना रेस्टोरेंट में जुटे, जबकि 8 अक्टूबर को कनॉट प्लेस के मोएट्स रेस्टोरेंट में बैठक हुई। इन बैठकों के बाद सांसद प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे।
7 अक्टूबर की बैठक में समाजवादी पार्टी के सांसद शामिल नहीं हुए थे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सपा की ओर से समय पर सूचना नहीं मिलने की बात कही गई थी। कांग्रेस ने कहा था कि सभी विपक्षी दलों को आमंत्रित किया गया था, लेकिन कम समय मिलने के कारण कुछ दल अपने प्रतिनिधि नहीं भेज सके। अगले दिन समाजवादी पार्टी के सांसद भी बैठक और प्रदर्शन में शामिल हुए।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और विपक्षी सांसदों के बीच हुए टकराव से जुड़े मामलों में प्राथमिकी दर्ज किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। इनमें राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कुछ नेताओं पर पुलिसकर्मियों के साथ कथित मारपीट और सरकारी कामकाज में बाधा डालने जैसे आरोप लगाए गए हैं। इन मामलों की जांच जारी है। प्राथमिकी दर्ज होना आरोपों के साबित होने का प्रमाण नहीं है। अब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ होने वाली बैठक पर नजरें टिकी हैं। विपक्षी सांसदों की कोशिश होगी कि वे मतदाता सूची, SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े अपने सवाल राष्ट्रपति के समक्ष रखें।
