करैरा– शनि अमावस्या के पावन अवसर पर करैरा के बड़ा जैन मंदिर में धर्म, भक्ति और आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला। भगवान श्री मुनिसुव्रतनाथ के अभिषेक, विधान एवं पूजन के साथ मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा। संगीतमय धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और श्रद्धाभाव के साथ सहभागिता कर भगवान जिनेंद्र कीआराधना की तथा धर्मलाभ प्राप्त किया।

पंडित दीपक जैन शास्त्री के निर्देशन में धार्मिक अनुष्ठान विधि-विधान के साथ संपन्न कराए गए। अभिषेक एवं विधान पूजन के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान के समक्ष अर्घ्य समर्पित कर सुख-समृद्धि, आत्मकल्याण और आध्यात्मिक उन्नति की भावना व्यक्त की। संगीतमय भक्ति कार्यक्रम ने आयोजन को विशेष आकर्षण प्रदान किया। पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर नजर आया।
धार्मिक आयोजन में आनंद जैन बसेरा का विशेष सहयोग रहा। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी उनके सहयोग से धार्मिक परंपरा को आगे बढ़ाया गया। आयोजन में समाज के विभिन्न मंडलों की सहभागिता ने जैन धर्म की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण और सामूहिक सहभागिता का संदेश दिया।
महिला मंडलों और जैन मिलन ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
कार्यक्रम को सफल बनाने में आदर्श महिला मंडल, आदिनाथ महिला मंडल, महिला जैन मिलन सहित विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक मंडलों ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया। सभी मंडलों की सहभागिता से आयोजन को सामूहिक एकजुटता और सामाजिक समरसता का स्वरूप मिला। श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने धार्मिक आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया।

सामूहिक भोज के साथ हुआ आयोजन का समापन
अभिषेक, विधान-पूजन एवं संगीतमय धार्मिक कार्यक्रम के समापन के बाद सामूहिक भोज का आयोजन किया गया। इसमें समाजजनों एवं श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर आपसी मेल-मिलाप और भाईचारे की भावना को मजबूत किया। भगवान श्री मुनिसुव्रतनाथ की आराधना से प्रारंभ हुआ यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता का भी प्रतीक बना। विभिन्न मंडलों के सहयोग और श्रद्धालुओं की सहभागिता से कार्यक्रम श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ।
