अमिताभ बच्चन की सबसे चर्चित परंपराओं में से एक मुंबई स्थित उनके बंगले जलसा के बाहर प्रशंसकों से मुलाकात करना है। हर रविवार उनके चाहने वाले उनसे मिलने की उम्मीद में बंगले के बाहर इकट्ठा होते हैं। अमिताभ लंबे समय से इस परंपरा को निभाते आ रहे हैं और कई बार प्रशंसकों से मिलने के लिए नंगे पैर बाहर आते हैं। उनके इस अंदाज को प्रशंसकों के प्रति स्नेह और सम्मान से जोड़कर देखा जाता है। इसके अलावा, अमिताभ सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहते हैं। उन्होंने अप्रैल 2008 में अपना ब्लॉग शुरू किया था, जिसके माध्यम से वह अपने विचार, अनुभव और जीवन से जुड़ी बातें साझा करते हैं। व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद ब्लॉग लेखन उनके लिए प्रशंसकों से जुड़े रहने का एक माध्यम बना हुआ है। किसी के काम की सराहना करने के लिए हाथ से पत्र लिखना और गुलदस्ता भेजना भी उनकी खास आदतों में शामिल बताया जाता है।
अमिताभ बच्चन से जुड़ी एक अन्य दिलचस्प बात यह है कि वह दोनों हाथों से लिख सकते हैं। इस क्षमता को अंग्रेजी में एम्बिडेक्सट्रस कहा जाता है। इसके अलावा, उन्हें कई बार एक साथ दो घड़ियां पहने हुए भी देखा गया है। हालांकि, वह ऐसा किस वजह से करते हैं, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं है। उनकी दिनचर्या और फिटनेस को लेकर भी चर्चा होती रहती है। व्यस्त कार्यक्रम के बीच काम के लिए समय निकालना और अलग-अलग परियोजनाओं में सक्रिय रहना उनके कार्य अनुशासन को दर्शाता है। फिल्मों के साथ टेलीविजन कार्यक्रम ‘कौन बनेगा करोड़पति’ में भी वह लगातार नजर आते रहे हैं। लंबे करियर के बाद भी विभिन्न माध्यमों पर उनकी सक्रियता बनी हुई है। उनके काम करने के तरीके और समय की पाबंदी को लेकर भी अक्सर बातें होती हैं।
अमिताभ बच्चन के जीवन में कठिन दौर भी आया। 1990 के दशक में उनकी कंपनी अमिताभ बच्चन कॉरपोरेशन लिमिटेड यानी एबीसीएल को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा था। इस मुश्किल समय के बाद उन्होंने फिल्मों में वापसी की और ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के माध्यम से टेलीविजन पर भी नई पहचान बनाई। उनका करियर कई उतार-चढ़ाव से गुजरा है, लेकिन उन्होंने काम जारी रखा और मनोरंजन जगत में अपनी सक्रियता बनाए रखी। उनके जीवन की यह यात्रा उनके पेशेवर संघर्ष का अहम हिस्सा है। प्रशंसकों के बीच उनकी लोकप्रियता के साथ-साथ उनकी काम के प्रति प्रतिबद्धता भी चर्चा में रहती है।
जन्मदिन के मौके पर अमिताभ बच्चन की इन आदतों और अनुभवों की चर्चा उनके व्यक्तित्व के अलग-अलग पहलुओं को सामने लाती है। जलसा के बाहर प्रशंसकों से मुलाकात की परंपरा उनके प्रशंसकों के साथ लंबे समय से चले आ रहे जुड़ाव को दिखाती है, जबकि ब्लॉग लेखन उन्हें अपने विचार सीधे साझा करने का अवसर देता है। दोनों हाथों से लिखने की क्षमता, एक साथ दो घड़ियां पहनने का अंदाज और हाथ से पत्र लिखकर दूसरों की सराहना करना उनकी जिंदगी से जुड़ी खास बातें हैं। वहीं, आर्थिक मुश्किलों के बाद फिल्मों और टेलीविजन में वापसी उनके लंबे पेशेवर सफर का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है।
