शेखर सुमन के शो ‘शेखर टुनाइट’ में बातचीत के दौरान संजय दत्त ने उस घटना को याद किया। उन्होंने कहा कि जब उन्हें हथियार रखने के मामले की गंभीरता का पता चला, तब उनका दिल उन्हें ऐसा नहीं करने के लिए कह रहा था। इसके बावजूद उन्होंने अपने दिमाग की बात सुनी और यह सोचकर हथियार रखने का फैसला किया कि एक सप्ताह तक उन्हें अपने पास रखने में क्या नुकसान होगा। संजय दत्त ने कहा कि गलती उनकी थी और अगर उस समय उन्होंने अपने मन की चेतावनी को गंभीरता से लिया होता, तो स्थिति अलग हो सकती थी। उनके मुताबिक, उस फैसले के इतने गंभीर नतीजे सामने आएंगे, इसका उन्हें पहले अंदाजा नहीं था।
अभिनेता ने इस मामले के दौरान अपने परिवार को हुई परेशानी का भी जिक्र किया। संजय दत्त के मुताबिक, इस घटना ने उनके और उनके परिवार के लिए मुश्किल हालात पैदा कर दिए थे। कानूनी कार्रवाई के दौरान उन्हें जेल भी जाना पड़ा और कई साल तक इस मामले के परिणामों का सामना करना पड़ा। उन्होंने अपने अनुभव के आधार पर कानूनों को समझने और उनका पालन करने की अहमियत बताई। संजय दत्त ने स्पष्ट किया कि उस समय लिया गया फैसला उनकी गलती थी और आज भी उन्हें उसका पछतावा है। उनके बयान से यह भी सामने आया कि वह उस घटना को अपने जीवन के ऐसे फैसले के रूप में देखते हैं, जिसके परिणाम उनकी अपेक्षा से कहीं अधिक गंभीर साबित हुए।
संजय दत्त ने बातचीत में अपने पिता सुनील दत्त से जुड़ा भावुक पल भी साझा किया। उन्होंने बताया कि जब पुलिस उन्हें हथकड़ी पहना रही थी, तब उनके पिता रोने लगे थे। बेटे के साथ इस तरह की कार्रवाई होते देख सुनील दत्त भावुक हो गए थे। संजय दत्त ने उस समय अपने पिता को संभालने की कोशिश की और उन्हें भरोसा दिलाया कि यह कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है तथा उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है। हालांकि, पिता को इस स्थिति में देखकर संजय दत्त भी भावुक हो गए थे। उन्होंने बताया कि उस समय उन्हें खुद को मजबूत दिखाना पड़ा, ताकि उनके पिता को हिम्मत दे सकें। यह घटना उनके लिए व्यक्तिगत रूप से भी कठिन रही।
कामकाज की बात करें तो संजय दत्त फिल्म ‘धुरंधर’ में चौधरी असलम की भूमिका निभा चुके हैं। इस फिल्म में उनके अभिनय को दर्शकों का प्यार मिला। अब वह ‘खलनायक रिटर्न्स’ और अजय देवगन की फिल्म ‘रेंजर’ में नजर आने वाले हैं। पुराने मामले को याद करते हुए संजय दत्त ने अपनी गलती स्वीकार की और कानून की जानकारी रखने की जरूरत पर जोर दिया। उनके बयान में उस फैसले को लेकर पछतावा और उसके गंभीर परिणामों की स्वीकारोक्ति प्रमुख रही।
