अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, होमलैंड सिक्योरिटी इन्वेस्टिगेशंस (HSI) के एजेंटों ने अदालत से जारी वारंट के आधार पर यह कार्रवाई की। मामले से जुड़े एक व्यक्ति के मुताबिक, छापेमारी कथित इमिग्रेशन धोखाधड़ी की जांच का हिस्सा है। हालांकि, जांच के आरोपों को लेकर अभी कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
ट्रंप पहले भी लगा चुके हैं आरोप
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले भी इल्हान उमर को लेकर तीखी टिप्पणियां कर चुके हैं। वह आरोप लगाते रहे हैं कि उमर अमेरिका में अवैध तरीके से आई थीं और देश में प्रवेश पाने के लिए उन्होंने अपने भाई से शादी की थी। इन आरोपों को लेकर ट्रंप कई बार उन पर तंज कस चुके हैं।
अब घर पर संघीय एजेंसियों की कार्रवाई के बाद ट्रंप ने उमर को पूरी तरह बेईमान और बुरा इंसान बताया। उन्होंने कहा कि न्याय विभाग इस मामले को देख रहा है। हालांकि, ट्रंप की टिप्पणियां अपने आप में जांच के आरोपों को साबित नहीं करतीं।
अदालत के वारंट पर हुई कार्रवाई
अमेरिकी न्याय विभाग के प्रवक्ता ने पुष्टि की कि वाशिंगटन डीसी में विभाग की ओर से सुरक्षित किए गए अदालत के वारंट के तहत कार्रवाई की गई। इसे जारी संघीय जांच का हिस्सा बताया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को इल्हान उमर के घर के बाहर होमलैंड सिक्योरिटी इन्वेस्टिगेशंस की जैकेट पहने कई एजेंट दिखाई दिए। जांच से जुड़े एक व्यक्ति ने इसे कथित इमिग्रेशन फ्रॉड से संबंधित बताया है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में जांच के निष्कर्ष या आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है।
इल्हान उमर बोलीं- राजनीतिक विरोधियों को बनाया जा रहा निशाना
इल्हान उमर ने कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि वह ठीक हैं। उन्होंने ट्रंप प्रशासन पर राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने और संघीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों को राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।
उमर ने कहा कि पिछले दस वर्षों से ट्रंप उन्हें कथित तौर पर बेबुनियाद आरोपों और बदनाम करने वाले अभियानों के जरिए निशाना बनाते रहे हैं। उनके मुताबिक, घर पर हुई कार्रवाई राजनीतिक डराने-धमकाने की उसी कोशिश का नया कदम है। उन्होंने यह भी कहा कि वह चुप नहीं रहेंगी।
इस घटनाक्रम ने अमेरिका में राजनीतिक टकराव को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। एक ओर न्याय विभाग ने कार्रवाई को जारी संघीय जांच का हिस्सा बताया है, वहीं उमर इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दे रही हैं। जांच के नतीजों से ही स्पष्ट हो सकेगा कि मामले में लगाए जा रहे आरोपों के समर्थन में क्या तथ्य सामने आते हैं।
