मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश में सुशासन और विकास कार्यों को प्रभावी बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की है। बुधवार 14 अक्टूबर 2026 को भोपाल स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान में मुख्यमंत्री यंग प्रोफेशनल फॉर डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत चयनित सीएम फेलोज के पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रदेश के 55 जिलों के लिए चयनित सीएम फेलोज शामिल हो रहे हैं। इसका उद्देश्य युवा पेशेवरों को शासन व्यवस्था और विकास से जुड़े कार्यों की बेहतर समझ प्रदान करना है।
मुख्यमंत्री यंग प्रोफेशनल फॉर डेवलपमेंट प्रोग्राम के अंतर्गत चयनित इन प्रतिभागियों को पांच दिनों तक कार्यक्रम से संबंधित जरूरी जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही उन्हें विकास योजनाओं की प्रक्रिया और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को समझने का अवसर मिलेगा। इस पहल के माध्यम से युवा पेशेवरों को प्रदेश में चल रहे विकास कार्यों से जोड़ने और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रक्रिया से परिचित कराने पर जोर दिया जा रहा है।
राज्य सरकार की इस पहल में जिलों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विकास योजनाओं को जमीन पर लागू करने के लिए प्रशासनिक व्यवस्था और स्थानीय जरूरतों की समझ जरूरी होती है। ऐसे में सीएम फेलोज के प्रशिक्षण का उद्देश्य उन्हें शासन की प्रक्रियाओं से परिचित कराना और विकास संबंधी कार्यों में उनकी भागीदारी के लिए तैयार करना है। प्रदेश के 55 जिलों के लिए चयनित प्रतिभागियों को एक साथ प्रशिक्षण दिए जाने से उन्हें कार्यक्रम के उद्देश्यों और काम करने के तरीकों को समझने का अवसर मिलेगा।
भोपाल स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान में आयोजित यह कार्यक्रम सुशासन और नीति निर्माण से जुड़े विषयों पर केंद्रित है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मुख्यमंत्री यंग प्रोफेशनल फॉर डेवलपमेंट प्रोग्राम की कार्यप्रणाली और उसके उद्देश्यों की जानकारी दी जाएगी। इसके जरिए युवा पेशेवरों को प्रशासनिक व्यवस्था के साथ समन्वय बनाकर काम करने और विकास योजनाओं की प्रक्रिया को समझने में मदद मिल सकती है।
सीएम फेलोज कार्यक्रम को युवा प्रतिभाओं और प्रशासनिक व्यवस्था के बीच बेहतर तालमेल विकसित करने की पहल के रूप में देखा जा रहा है। विकास कार्यों में प्रभावी भागीदारी के लिए योजनाओं की जानकारी के साथ उनके क्रियान्वयन की प्रक्रिया को समझना भी जरूरी है। पांच दिवसीय प्रशिक्षण इसी दिशा में एक कदम है। इसके माध्यम से चयनित प्रतिभागियों को अपनी जिम्मेदारियों और कार्यक्रम की अपेक्षाओं को समझने का अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश में विकास और सुशासन से जुड़ी पहल को आगे बढ़ाने के प्रयासों का हिस्सा है। अब प्रशिक्षण के दौरान दी जाने वाली जानकारी और उसके बाद जिलों में सीएम फेलोज की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। उम्मीद है कि इस कार्यक्रम से युवा पेशेवरों को प्रशासनिक कामकाज की समझ विकसित करने और विकास संबंधी गतिविधियों में योगदान देने में मदद मिलेगी।
