रोमानिया की नेवल अथॉरिटी ने बताया कि उसे कोमोरोस के झंडे के तहत संचालित केमिकल और ऑयल टैंकर ‘यारा जे’ (Yara J) में आग लगने की सूचना मिली थी। इसके बाद जहाज पर मौजूद क्रू को सुरक्षित निकाल लिया गया। हालांकि, आग किस वजह से लगी, इस बारे में अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
रोमानिया के रक्षा मंत्री राडू मिरुटा ने कहा कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि जहाज पर ड्रोन से हमला किया गया था या नहीं। मामले की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने की वजह और किसी संभावित हमले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
अक्टूबर से अब तक पांच जहाजों को बनाया गया निशाना
ब्लैक सी में हाल के दिनों में कमर्शियल जहाजों पर हमलों की घटनाएं सामने आई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर की शुरुआत से नाटो सदस्य देशों रोमानिया और बुल्गारिया के तटों के पास पांच व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाया गया है। इन घटनाओं में करीब 23 नाविकों की मौत हो गई या वे लापता हो गए।
इन घटनाओं ने रूस-यूक्रेन युद्ध से जुड़े ड्रोन हमलों के कारण ब्लैक सी में समुद्री व्यापार और जहाजों की आवाजाही पर बढ़ते खतरे को रेखांकित किया है। हालांकि, रोमानिया में ‘यारा जे’ पर लगी आग के मामले में ड्रोन हमले की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
बुल्गारिया के तट के पास भी दो जहाजों पर हमला
इससे कुछ दिन पहले बुल्गारिया के तट के पास ब्लैक सी में दो जहाजों को ड्रोन से निशाना बनाए जाने की जानकारी सामने आई थी। बुल्गारिया के प्रधानमंत्री रुमेन रादेव के अनुसार, इन जहाजों में से एक पूरी तरह डूब गया, जबकि दूसरे को तीन ड्रोन हमलों में नुकसान पहुंचा।
प्रधानमंत्री रादेव ने बताया था कि यूक्रेन के स्वामित्व वाला जहाज ‘चेल्सी 3’ माल्टा के झंडे के तहत समुद्र में संचालित हो रहा था। बुल्गारिया के तट से करीब 18 नॉटिकल मील यानी लगभग 33 किलोमीटर दूर रात के समय इस जहाज पर तीन ड्रोन से हमला किया गया था।
ब्लैक सी में लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बाद व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। रोमानिया के जलक्षेत्र में ‘यारा जे’ पर लगी आग की जांच के नतीजों से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि घटना दुर्घटनावश हुई या इसके पीछे किसी हमले की भूमिका थी।
