कांग्रेस नेता और मंगलौर विधायक काजी निजामुद्दीन ने आरोप लगाया कि अंकिता के माता-पिता राष्ट्रपति भवन के सामने शांतिपूर्वक धरना दे रहे थे। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी परिवार से मुलाकात कर उन्हें समर्थन दिया था। इसके बावजूद देर रात पुलिस प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर जाने लगी।
काजी निजामुद्दीन ने कहा कि जिस पुलिस को कथित वीआईपी एंगल की जांच करनी चाहिए, वही न्याय की मांग कर रहे अंकिता के माता-पिता को हिरासत में ले रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मामले में अपनी लड़ाई जारी रखेगी। साथ ही दुष्यंत कुमार गौतम के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
नियुक्ति रद्द होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
अंकिता के माता-पिता की मांग है कि उनकी बेटी की हत्या के मामले में कथित वीआईपी कनेक्शन की निष्पक्ष जांच कराई जाए। परिवार का कहना है कि जब तक इस पहलू की सीबीआई जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक दुष्यंत कुमार गौतम की राज्यपाल के रूप में नियुक्ति पर रोक लगाई जाए।
पुलिस कार्रवाई के दौरान अंकिता की मां ने कहा कि जब तक दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति रद्द नहीं होती, वे अपनी मांग पर अडिग रहेंगी। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें धरना देने की अनुमति नहीं मिलती है, तो वे अपने घरों में ही भूख हड़ताल करेंगी।
वहीं, अंकिता के पिता ने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम के राज्यपाल के रूप में नियुक्ति रद्द करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा नहीं होने पर देशभर के लोग सड़कों पर उतर सकते हैं और इसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी।
कांग्रेस नेताओं ने भी आरोप लगाया कि बेटी को न्याय दिलाने की मांग कर रहे परिवार को हिरासत में लिया जा रहा है, जबकि कथित वीआईपी कनेक्शन की जांच से जुड़े सवाल अब तक बने हुए हैं।
राहुल और प्रियंका गांधी ने परिवार से की थी मुलाकात
इससे पहले बुधवार को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने इंडिया गेट पर धरना दे रहे अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की थी। दोनों नेताओं ने परिवार को ढांढस बंधाया और इस लड़ाई में कांग्रेस के पूर्ण समर्थन का भरोसा दिलाया था।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि चार साल बीत जाने के बाद भी अंकिता के परिवार को न्याय नहीं मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक कथित आरोपी को संरक्षण दिया गया और संवैधानिक पद से नवाजा गया। राहुल गांधी ने यह भी कहा था कि अंकिता के माता-पिता न्याय की गुहार लेकर अपने घर से मीलों दूर इंडिया गेट पर बैठे हैं।
परिवार की मांग है कि मामले में कथित वीआईपी की भूमिका की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ हो और जांच पूरी होने तक दुष्यंत कुमार गौतम की राज्यपाल के रूप में नियुक्ति पर रोक लगाई जाए। इस मुद्दे पर कांग्रेस लगातार सरकार से जवाब मांग रही है।
क्या है अंकिता भंडारी हत्याकांड?
उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की 18 सितंबर 2022 को हत्या कर दी गई थी। बाद में उसका शव चीला नहर से बरामद हुआ था। इस मामले में रिजॉर्ट के मालिक और पूर्व भाजपा नेता के बेटे पुलकित आर्य समेत तीन दोषियों को अदालत आजीवन कारावास की सजा सुना चुकी है।
अदालती कार्रवाई के बावजूद अंकिता का परिवार और विपक्षी दल मामले में कथित वीआईपी संलिप्तता की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग करते रहे हैं। परिवार का कहना है कि इस पहलू की जांच से ही पूरे मामले से जुड़े बाकी सवालों का जवाब मिल सकेगा।
दिल्ली में प्रदर्शनकारियों की हिरासत और अंकिता के माता-पिता की रिहाई के बाद यह मामला एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। अब निगाहें परिवार की आगे की रणनीति और कथित वीआईपी एंगल की जांच को लेकर उठ रही मांगों पर हैं।
