नई दिल्ली। भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेली गई पांच मैचों की टी20 सीरीज 2-2 की बराबरी पर समाप्त हो गई। शनिवार को बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में होने वाला पांचवां और निर्णायक मुकाबला बारिश के कारण नहीं खेला जा सका। लगातार बारिश और मैदान की परिस्थितियों को देखते हुए अंपायरों ने मैच रद्द करने का फैसला किया। इसके साथ ही सीरीज का परिणाम बराबरी पर रहा। मुकाबला रद्द होने के बाद भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप के प्रदर्शन की तारीफ की और माना कि उनकी बल्लेबाजी ने भारतीय टीम के सामने बड़ी चुनौती खड़ी की।
श्रेयस अय्यर ने मैच के बाद कहा कि भारतीय टीम दूसरे और चौथे टी20 मुकाबले में बेहतर गेंदबाजी कर सकती थी। अगर इन मैचों में गेंदबाज अपनी योजनाओं को सही तरीके से लागू कर पाते तो परिणाम अलग हो सकता था। उन्होंने वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी को शानदार बताते हुए कहा कि विरोधी टीम को उसके प्रदर्शन का पूरा श्रेय दिया जाना चाहिए। अय्यर के मुताबिक शाई होप ने बेहतरीन बल्लेबाजी की और उनकी पारियों ने भारतीय टीम के लिए मुश्किलें बढ़ा दीं। उन्होंने होप को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई भी दी।
इस सीरीज में शाई होप वेस्टइंडीज की सफलता के सबसे प्रमुख खिलाड़ियों में रहे। उन्होंने चार पारियों में दो शतकों की मदद से कुल 261 रन बनाए। इनमें से 204 रन उन्होंने केवल 95 गेंदों पर बनाए। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाया और वेस्टइंडीज को सीरीज में वापसी करने का मौका दिया। होप को उनके लगातार शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया।
सीरीज के दूसरे और चौथे टी20 मुकाबले में वेस्टइंडीज ने भारत को हराया था। इन दोनों मैचों में शाई होप ने शतक लगाकर अपनी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। उनके प्रदर्शन की बदौलत वेस्टइंडीज ने सीरीज में 2-2 की बराबरी हासिल कर ली। भारतीय टीम के लिए इन मुकाबलों में विपक्षी बल्लेबाजों को रोकना चुनौतीपूर्ण रहा। कप्तान अय्यर की टिप्पणी से भी साफ हुआ कि टीम को अपनी गेंदबाजी योजनाओं के क्रियान्वयन पर ध्यान देने की जरूरत है।
वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी में शरफेन रदरफोर्ड का योगदान भी महत्वपूर्ण रहा। बाएं हाथ के इस आक्रामक बल्लेबाज ने दूसरे टी20 में 37 गेंदों पर 84 रन की शानदार पारी खेली थी। इसके बाद चौथे मुकाबले में उन्होंने 26 गेंदों पर नाबाद 49 रन बनाकर टीम को मजबूती दी। होप और रदरफोर्ड की पारियों ने वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी को धार दी और भारतीय टीम के सामने चुनौतीपूर्ण स्थिति पैदा की।
सीरीज बराबरी पर समाप्त होने के बाद शाई होप ने भी अपनी टीम के प्रदर्शन पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि टीम जीत के काफी करीब पहुंची और इतने वर्षों में इस तरह की प्रतिस्पर्धा दिखाना खिलाड़ियों के सामूहिक प्रयास को दर्शाता है। होप के अनुसार सीरीज में टीम ने खुद को अच्छा मौका दिया और यह संकेत है कि वेस्टइंडीज एक इकाई के रूप में आगे बढ़ रही है।
पांचवें मुकाबले के बारिश में धुलने से दोनों टीमों को निर्णायक मैच खेलने का मौका नहीं मिला। भारतीय टीम जहां अपनी गेंदबाजी की कमियों से सबक लेकर आगे बढ़ना चाहेगी वहीं वेस्टइंडीज के लिए शाई होप और शरफेन रदरफोर्ड का प्रदर्शन सकारात्मक पहलू रहा। बराबरी पर खत्म हुई सीरीज ने दोनों टीमों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा को दिखाया।
