जुमगुंड इलाके में तड़के करीब तीन बजे तीन से चार संदिग्धों की हलचल देखी गई थी। इसके बाद सुरक्षाबलों ने तत्काल कार्रवाई की। मुठभेड़ के दौरान दो आतंकियों को मार गिराया गया, जबकि अन्य दो की तलाश जारी है। पूरे क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है, ताकि छिपे हुए संदिग्धों का पता लगाया जा सके और घुसपैठ की किसी भी अन्य कोशिश को रोका जा सके।
इस घटना के बाद नियंत्रण रेखा से सटे संवेदनशील इलाकों में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पहाड़ी क्षेत्र में बर्फबारी शुरू होने के साथ ही घुसपैठ की आशंका को देखते हुए सुरक्षाबलों ने अपनी चौकसी बढ़ा दी है। ऊंचाई वाले दुर्गम इलाकों में मौसम और भौगोलिक परिस्थितियां सुरक्षा बलों के सामने चुनौती पेश करती हैं। ऐसे में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना और सीमा पर निगरानी बनाए रखना महत्वपूर्ण हो जाता है।
जुमगुंड में घुसपैठ की कोशिश के दौरान आतंकियों ने बर्फ में छिपने के लिए सफेद रंग की वर्दी पहन रखी थी। इसे स्नो कैमफ्लेज कहा जाता है। इस तरह की वर्दी का इस्तेमाल बर्फ से ढके क्षेत्रों में तैनात सैनिक करते हैं। सफेद रंग होने के कारण यह बर्फीले वातावरण में आसानी से घुलमिल जाती है और दूर से व्यक्ति की पहचान करना मुश्किल बना सकती है। इसके साथ ही यह वर्दी अत्यधिक ठंड से बचाव में भी मदद करती है।
बर्फबारी के बाद जुमगुंड का ऊंचाई वाला इलाका बर्फ से ढक गया था। माना जा रहा है कि संदिग्धों ने इसी परिस्थिति का फायदा उठाकर घुसपैठ की कोशिश की। हालांकि, सुरक्षाबलों की सतर्कता के कारण उनकी योजना सफल नहीं हो सकी। मुठभेड़ के बाद शेष संदिग्धों की तलाश जारी है। तलाशी अभियान के दौरान इलाके की निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को नजरअंदाज न किया जाए।
इस बीच, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों और प्रशिक्षण शिविरों को दोबारा सक्रिय किए जाने की आशंका भी सामने आई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भारत की सर्जिकल स्ट्राइक और हवाई हमलों में नष्ट किए गए कुछ आतंकवादी शिविरों को फिर से सक्रिय किया गया है। इन शिविरों में 100 से अधिक आतंकियों को प्रशिक्षण दिए जाने की बात कही गई है। प्रशिक्षण पूरा कर चुके आतंकियों को भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ कराने की कोशिश किए जाने की आशंका जताई गई है।
घुसपैठ और संदिग्ध गतिविधियों को रोकने के लिए पुंछ, राजौरी, कुपवाड़ा, उरी, गुरेज, केरन, माछेल और तंगधार जैसे क्षेत्रों में गश्त बढ़ाई गई है। नियंत्रण रेखा के साथ-साथ भीतरी इलाकों, कस्बों और शहरों में भी निगरानी तथा जांच तेज की गई है। सुरक्षाबलों का उद्देश्य आतंकियों और उनके मददगारों की पहचान कर उनकी गतिविधियों पर रोक लगाना है। जुमगुंड में मारे गए दो आतंकियों के बाद शेष संदिग्धों की तलाश जारी रहने के कारण सुरक्षा बल पूरे इलाके में सतर्क हैं।
