बारिश की संभावना को देखते हुए भोपाल में कलाकारों ने रावण के पुतलों को बरसाती से ढक दिया है। इससे पहले 2022 में बारिश के कारण रावण के पुतले ठीक से नहीं जल पाए थे। उस समय उन्हें जलाने के लिए केरोसिन और पेट्रोल का इस्तेमाल करना पड़ा था। इस बार आयोजक पहले से ही एहतियात बरत रहे हैं।
इन 25 जिलों में बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान भोपाल, इंदौर, उज्जैन, आलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, बैतूल, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, राजगढ़, रायसेन, सागर, विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में बारिश का अनुमान जताया है।
मौसम में बदलाव की वजह चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) और ट्रफ को बताया गया है। इनके प्रभाव से प्रदेश में अगले चार दिन, यानी 23 अक्टूबर तक, कहीं-कहीं बारिश का दौर जारी रह सकता है। इस दौरान 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की भी संभावना है।
दूसरी ओर, प्रदेश के पूर्वी हिस्से में मौसम अपेक्षाकृत साफ रह सकता है। जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग के जिलों में धूप निकलने के आसार हैं।
कई जिलों में रात का तापमान 20 डिग्री से नीचे
बारिश के बीच प्रदेश के कई इलाकों में रात का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है। बीती रात छिंदवाड़ा में न्यूनतम तापमान 17.4 डिग्री, कटनी के करौंदी में 17.8 डिग्री, आलीराजपुर और गुना में 18 डिग्री, अमरकंटक में 18.4 डिग्री तथा नीमच के मरुखेड़ा में 18.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
वहीं, दिन में कुछ जिलों में गर्मी का असर बना हुआ है। खंडवा, उज्जैन, खरगोन, रतलाम, राजगढ़ और रायसेन में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया।
गुना में एक दिन में साढ़े चार इंच बारिश
प्रदेश में पिछले चार दिनों से आंधी और बारिश का सिलसिला जारी है। गुना में एक ही दिन में करीब साढ़े चार इंच बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा इंदौर, शाजापुर, सीहोर, मंदसौर, उज्जैन, आगर-मालवा, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, बैतूल और छिंदवाड़ा में भी बारिश हुई।
इंदौर में सोमवार को दिनभर रुक-रुककर पानी गिरता रहा। प्रदेश के दूसरे जिलों में भी इसी तरह का मौसम बना रहा। बीते सप्ताह पूर्वी और पश्चिमी मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में आंधी-बारिश का असर देखा गया, जबकि पिछले चार दिनों में कुछ इलाकों में तेज बारिश भी हुई।
3 अक्टूबर को लौट चुका है मानसून, फिर भी जारी बारिश
मध्यप्रदेश से मानसून की विदाई 3 अक्टूबर को ही हो चुकी है। इस बार एक ही दिन में पूरे प्रदेश से मानसून लौट गया था। इसके बावजूद चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ जैसे मौसमी सिस्टम सक्रिय होने के कारण बारिश जारी है।
