भोपाल में दशहरे के अवसर पर 18 प्रमुख मैदानों में रावण दहन के कार्यक्रम आयोजित होंगे। कोलार हिंदू उत्सव समिति की ओर से 105 फीट ऊंचा रावण जलाया जाएगा। इस पुतले को जयपुर के कलाकारों ने तैयार किया है। रावण मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले बनाने में करीब 20 लाख रुपये खर्च हुए हैं। इसके अलावा जंबूरी मैदान में 101 फीट और कलियासोत ग्राउंड में 90 फीट ऊंचे रावण का दहन होगा। टीटी नगर दशहरा मैदान में 55 फीट और बिट्टन मार्केट में 53 फीट ऊंचा पुतला जलाया जाएगा। कोलार और छोला में आयोजित कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के शामिल होने की भी संभावना है।
छोला दशहरा मैदान में रावण दहन से पहले मारवाड़ी रोड स्थित बांके बिहारी मंदिर से पारंपरिक चल समारोह निकाला जाएगा। इसमें करीब 10 झांकियां बैंड शहनाई पुलिस बैंड दुल-दुल घोड़ी और आदिवासी टोली आकर्षण का केंद्र रहेंगी। चल समारोह विभिन्न रास्तों से होते हुए घोड़ा नक्कास के मार्ग से मैदान पहुंचेगा। यहां रात करीब 9 बजे रावण दहन का कार्यक्रम प्रस्तावित है। दूसरी ओर राजेंद्र नगर में श्रीराम जानकी हिंदू उत्सव समिति की ओर से 70 फीट ऊंचे रावण का दहन किया जाएगा। यहां रामलीला सांस्कृतिक कार्यक्रम और मेले का आयोजन भी होगा। समिति ने रावण दहन के वीडियो पर सबसे ज्यादा व्यूज और लाइक्स लाने वाले इन्फ्लुएंसर को 11 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।
इंदौर में उषागंज छावनी में 121 फीट ऊंचे रावण का दहन किया जाएगा। आयोजन के लिए 250 फीट लंबी लंका भी तैयार की गई है। शोभायात्रा के मैदान पहुंचने के बाद रावण दहन होगा और करीब डेढ़ घंटे तक आतिशबाजी की जाएगी। उज्जैन में दशहरा मैदान पर 101 फीट ऊंचा रावण जलाया जाएगा। इसके लिए देवास और ग्वालियर से कलाकार बुलाए गए हैं जो करीब 45 मिनट तक आतिशबाजी करेंगे। शहर के कार्तिक मैदान उन्हेल चौराहे और हीरा मिल मैदान में भी रावण दहन के आयोजन होंगे।
दशहरे पर उज्जैन में बाबा महाकाल की सवारी भी विशेष आकर्षण रहेगी। चांदी की पालकी में सवार होकर बाबा महाकाल दशहरा मैदान पहुंचेंगे जहां शमी वृक्ष का पूजन किया जाएगा। सवारी मार्ग पर करीब एक लाख वर्गफीट क्षेत्र में रंगोली बनाने की तैयारी है। आयोजन के दौरान ड्रोन के माध्यम से पालकी पर पांच क्विंटल फूल बरसाने की योजना है। इस आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है और प्रशासन की ओर से भी व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
प्रदेश के दूसरे शहरों में भी बड़े स्तर पर रावण दहन की तैयारी है। ग्वालियर के फूलबाग मैदान में 65 फीट ऊंचे रावण का दहन होगा। यहां राम जुलूस और रामलीला के समापन का कार्यक्रम भी रखा गया है। जबलपुर के ग्वारीघाट में 75 फीट ऊंचा रावण जलाया जाएगा जहां शिवकाशी से आए कलाकार आतिशबाजी करेंगे। मंदसौर में 80 फीट ऊंचे पुतले की खासियत यह होगी कि उसकी आंखें झपकेंगी गर्दन घूमेगी और तलवार वाला हाथ भी चलेगा। रायसेन में 35 फीट छिंदवाड़ा और सागर में 51 फीट तथा गुना में 31 फीट ऊंचे रावण का दहन किया जाएगा।
इसके अलावा देवास आगर-मालवा बैतूल दमोह सेंधवा शाजापुर श्योपुर और आलीराजपुर सहित कई जिलों में भी रावण दहन के कार्यक्रम होंगे। सेंधवा में पहली बार रावण के साथ कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले भी जलाए जाएंगे। शाजापुर में 71 फीट ऊंचे रावण के साथ 25-25 फीट के कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले तैयार किए गए हैं। दशहरे पर पुलिस लाइन मंदिरों सामाजिक संगठनों और अखाड़ों में शस्त्र पूजन भी किया जाएगा। करणी सेना सहित कई संस्थाएं शौर्य प्रदर्शन और पारंपरिक कार्यक्रम आयोजित करेंगी।
इसी बीच कांग्रेस ने भी दशहरे पर अलग कार्यक्रम की घोषणा की है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अनुसार मध्य प्रदेश के सभी जिलों में रावण के स्थान पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला जलाया जाएगा। इस तरह प्रदेश में दशहरा धार्मिक आयोजनों के साथ राजनीतिक गतिविधियों के कारण भी चर्चा में रहेगा। बारिश की आशंका के बीच अब आयोजकों की नजर मौसम पर है ताकि रावण दहन और अन्य कार्यक्रम निर्धारित समय पर संपन्न हो सकें।
