रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तरी इटली के कई शहरों में हुई हिंसा के बाद सरकार ने ये कदम उठाए हैं। इनमें देश की आर्थिक राजधानी मिलान भी शामिल है। यहां युवाओं के समूहों ने दुकानों के शीशे तोड़े, सामान लूटा और पुलिस पर हमले किए। प्रधानमंत्री मेलोनी ने सोशल मीडिया पर नए कानून की जानकारी देते हुए कहा कि तोड़फोड़ और चोरी कोई क्रांतिकारी काम नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तोड़फोड़ और चोरी प्रदर्शन नहीं, बल्कि अपराध हैं।
पांच साल तक जेल और 20 हजार यूरो जुर्माने का प्रावधान
नए प्रावधान तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं। इनके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के समूह में प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाले व्यक्ति को पांच साल तक की जेल हो सकती है। इसके अलावा अधिकतम 20 हजार यूरो का जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
यदि प्रदर्शन के दौरान किसी व्यक्ति ने अपना चेहरा ढका हो या किसी अन्य व्यक्ति को चोट पहुंची हो, तो सजा और बढ़ सकती है। नए नियमों के तहत अधिकारियों को सार्वजनिक संपत्ति या अन्य स्थानों को हुए नुकसान की भरपाई तत्काल सुनिश्चित करने के आदेश देने का अधिकार भी दिया गया है।
नाबालिगों की तोड़फोड़ पर माता-पिता की भी जवाबदेही
सरकार ने नाबालिगों की ओर से की जाने वाली तोड़फोड़ और लूटपाट को लेकर भी सख्ती बढ़ाई है। यदि ऐसी घटनाओं में नाबालिग शामिल पाए जाते हैं, तो उनके माता-पिता को नुकसान की भरपाई के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।
इसके अलावा पुलिस को 14 से 17 साल की उम्र के उन किशोरों को हिरासत में लेने की अनुमति भी दी गई है, जिन्होंने कोई अपराध नहीं किया है, लेकिन उनके खतरनाक होने के सबूत मौजूद हैं। इससे पहले यह अधिकार केवल वयस्कों के मामले में लागू होता था।
मिलान में पुलिस के साथ तैनात होंगे 500 सैनिक
सरकार को शनिवार को होने वाले प्रदर्शनों के दौरान फिर से हिंसा भड़कने की आशंका है। इसे देखते हुए मिलान में 2026 के अंत तक पुलिस की मदद के लिए 500 सैनिक तैनात किए जाएंगे।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, सेना महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा, संवेदनशील इलाकों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने में पुलिस की मदद करेगी।
2022 से सुरक्षा के मुद्दे पर सख्त कदम उठा रही सरकार
प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार वर्ष 2022 में सत्ता में आने के बाद से सुरक्षा के मुद्दे पर कई सख्त फैसले ले चुकी है। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि ऐसे कदम अपराध और हिंसा की मूल वजहों को दूर करने में पर्याप्त साबित नहीं होते। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले चार वर्षों में इटली की जेलों में कैदियों की संख्या 17 प्रतिशत से अधिक बढ़ी है।
महंगाई और डीजल की कीमतों पर ट्रक ड्राइवरों का प्रदर्शन
इटली के दक्षिणी हिस्से में बढ़ती महंगाई और डीजल की कीमतों को लेकर ट्रक ड्राइवरों के प्रदर्शन भी जारी हैं। सड़कें जाम किए जाने से सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। कुछ पास्ता कंपनियों को उत्पादन रोकना पड़ा है, जबकि कृषि संगठनों ने फल और सब्जियों के खराब होने की आशंका जताई है।
सरकार ने ट्रांसपोर्ट कंपनियों को नई सहायता देने का भरोसा दिया है। ऐसे में एक ओर सरकार हिंसक प्रदर्शनों पर सख्ती बढ़ा रही है, वहीं दूसरी ओर महंगाई और परिवहन से जुड़े विरोध प्रदर्शनों से भी निपटने की चुनौती बनी हुई है।
