पुलिस के अनुसार तीनों आरोपियों को मंगलवार को नागपुर के एक अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद ट्रांजिट रिमांड मिलने पर एसटीएफ की टीम उन्हें सड़क मार्ग से लखनऊ लेकर आई। इस सफर में करीब 15 घंटे लगे। गुरुवार सुबह लगभग 10 बजे तीनों को हजरतगंज थाने पहुंचाया गया। यहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस अधिकारी मामले की अलग अलग कड़ियों को जोड़ने और घटना के बाद आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाने में जुटे हैं।
पूछताछ के दौरान पुलिस का मुख्य फोकस 9 अक्टूबर की शाम हुई घटना पर है। इसी दिन कारोबारी शिवा शर्मा की लखनऊ स्थित उस फ्लैट से गिरने के बाद मौत हो गई थी जहां श्रद्धा रहती थी। शिवा की मां ने श्रद्धा के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद से श्रद्धा फरार बताई जा रही थी। पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि घटना वाले दिन फ्लैट में क्या हुआ था वहां कौन कौन मौजूद था और घटना के बाद आरोपी कहां गए। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि श्रद्धा नेपाल कैसे पहुंची और वहां से लखनऊ लौटने से पहले किन लोगों के संपर्क में थी।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन और नकदी भी बरामद हुई है। पूछताछ में पुलिस ने नकदी के स्रोत को लेकर सवाल किए हैं। जांच अधिकारी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि बिना एटीएम और यूपीआई का इस्तेमाल किए पैसे कहां से आए। इसके साथ ही श्रद्धा के बैंक खातों की जांच की तैयारी की जा रही है ताकि लेनदेन और धन के स्रोत से जुड़ी जानकारी जुटाई जा सके। पुलिस तीनों के बयानों को मिलाकर यह समझने का प्रयास कर रही है कि घटना के बाद उनकी गतिविधियां क्या रहीं और क्या उनके बयान एक दूसरे से मेल खाते हैं।
पूछताछ के बाद श्रद्धा का मेडिकल परीक्षण कराया जाना है और उसे अदालत में पेश करने की तैयारी की गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार पुलिस अदालत से 14 दिन की रिमांड मांगने की तैयारी में है ताकि मामले में आगे की पूछताछ की जा सके। कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की गई है। इस बीच श्रद्धा से जुड़े फ्लैटों के हाउस टैक्स निर्धारण में कथित गड़बड़ी का मामला भी सामने आया है। नगर निगम के मुताबिक संबंधित फ्लैट दूसरे लोगों के नाम दर्ज हैं और उनका नए सिरे से कर निर्धारण किया जाएगा। फिलहाल शिवा शर्मा की मौत के मामले में पुलिस जांच जारी है। घटना की पूरी परिस्थितियों और आरोपों की पुष्टि जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।
