जानकारी के मुताबिक तंजानिया की रहने वाली हेरियथ जस्टीना ग्वालियर के एक विश्वविद्यालय में स्टूडेंट वीजा पर पढ़ाई कर रही हैं। वह सिरोल थाना क्षेत्र की एमके सिटी टाउनशिप में अपने भाई के साथ रहती हैं। पढ़ाई का खर्च उठाने में मदद के लिए वह इंटरनेट पर पार्ट टाइम और वर्क फ्रॉम होम नौकरी तलाश रही थीं। इसी दौरान 15 अक्टूबर को उन्हें घर बैठे काम करने और अच्छी कमाई का ऑफर देने वाला संदेश मिला। छात्रा ने इसे नौकरी का वास्तविक अवसर समझा और आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी।
आरोप है कि नौकरी देने के नाम पर उनसे अलग-अलग बहाने बनाकर भुगतान मांगा जाने लगा। कभी फाइल चार्ज तो कभी वेरिफिकेशन फीस और कभी अन्य औपचारिकताओं के लिए पैसे जमा करने को कहा गया। नौकरी मिलने की उम्मीद में छात्रा ने आरोपियों के बताए तरीके से Paytm UPI के माध्यम से भुगतान किया। 15 और 16 अक्टूबर के बीच 13 अलग-अलग ट्रांजैक्शन में कुल 50 हजार रुपये ट्रांसफर हो गए। लगातार रकम मांगने के बावजूद जब नौकरी शुरू नहीं हुई तो छात्रा को संदेह होने लगा।
इसके बाद छात्रा ने अपने पैसे वापस मांगने की कोशिश की। आरोप है कि रकम लौटाने के बजाय उससे और पैसे मांगे जाने लगे। जब उसने आगे भुगतान करने से इनकार किया और अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने उसे ब्लॉक कर दिया। इस तरह नौकरी पाने की उम्मीद में भेजी गई रकम वापस नहीं मिल सकी। इसके बाद छात्रा ने साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू की।
सिरोल थाना पुलिस ने शुक्रवार को भारतीय न्याय संहिता के तहत ई-जीरो FIR दर्ज की है। अब पुलिस छात्रा के Paytm ट्रांजैक्शन और आरोपियों के साथ हुई बातचीत की चैट हिस्ट्री खंगाल रही है। जिन बैंक खातों में रकम भेजी गई है उनके खाताधारकों की जानकारी जुटाने के साथ आरोपियों की पहचान करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। डिजिटल भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश होगी कि रकम किन खातों में पहुंची और ठगी में कौन लोग शामिल हैं।
डीएसपी साइबर मनीष यादव के मुताबिक छात्रा ने हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत की थी जिसके बाद सिरोल थाने में मामला दर्ज किया गया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। यह घटना एक बार फिर ऑनलाइन नौकरी के नाम पर होने वाली ठगी के खतरे को सामने लाती है। नौकरी देने से पहले रजिस्ट्रेशन या वेरिफिकेशन के नाम पर बार-बार पैसे मांगने वाले ऑफर से सतर्क रहना जरूरी है। किसी भी अनजान व्यक्ति या कंपनी को भुगतान करने से पहले उसकी विश्वसनीयता की जांच करनी चाहिए। फिलहाल पुलिस की जांच के बाद ही आरोपियों की पहचान और ठगी से जुड़े बाकी तथ्यों का खुलासा हो सकेगा।
