यह घटना शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे गंजबासौदा शहर के वार्ड नंबर 6 स्थित गायत्री नगर में हुई। जानकारी के मुताबिक 65 वर्षीय प्रभुलाल गुप्ता मकान की तीसरी मंजिल के छज्जे पर खड़े थे। इसी दौरान उन्होंने गुटखा थूकने की कोशिश की और पास से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गए। बिजली का करंट लगने से वह बुरी तरह झुलस गए। हादसे के बाद उनका शरीर मकान के छज्जे की संरचना में फंसकर लटक गया। घटना इतनी भयावह थी कि आसपास मौजूद लोग कुछ देर के लिए सहम गए। बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग को जानकारी दी जिसके बाद हाईटेंशन लाइन की बिजली बंद कराई गई। सूचना मिलने पर डायल 112 की टीम और गंजबासौदा शहर थाना पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रभुलाल गुप्ता मूल रूप से छतरपुर जिले के रहने वाले थे और पिछले करीब दस वर्षों से गंजबासौदा में किराए के मकान में रह रहे थे। उनकी मौत की खबर सामने आने के बाद इलाके में शोक का माहौल बन गया।
घटना के बाद बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। मकान मालकिन पदमा चिढ़ार ने बताया कि मकान के पास से गुजर रही हाईटेंशन लाइन को हटाने के लिए संबंधित अधिकारियों से कई बार मांग की गई थी। उनके मुताबिक अधिकारियों ने लाइन हटाने का आश्वासन दिया था लेकिन इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। स्थानीय लोगों का कहना है कि रिहायशी इलाके में घरों के बेहद करीब से गुजर रही हाईटेंशन लाइन लोगों की जान के लिए खतरा बनी हुई है।
वार्ड पार्षद मनीष विश्वकर्मा ने भी बिजली विभाग पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि क्षेत्र में बिजली के खंभों तारों और डीपी के रखरखाव पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कई मकानों के नजदीक से 11 केवी की लाइन गुजर रही है। कुछ स्थानों पर निर्माणाधीन मकानों के ऊपर से भी बिजली की लाइन बेहद करीब से निकल रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक इस समस्या को लेकर पहले भी कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकला।
वार्ड पार्षद मनीष विश्वकर्मा ने भी बिजली विभाग पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि क्षेत्र में बिजली के खंभों तारों और डीपी के रखरखाव पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कई मकानों के नजदीक से 11 केवी की लाइन गुजर रही है। कुछ स्थानों पर निर्माणाधीन मकानों के ऊपर से भी बिजली की लाइन बेहद करीब से निकल रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक इस समस्या को लेकर पहले भी कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकला।
इस दर्दनाक हादसे ने रिहायशी इलाकों में बिजली की खतरनाक लाइनों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि स्थानीय लोगों की शिकायतों के बावजूद लाइन हटाने या सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करने में देरी हुई है तो इसकी जिम्मेदारी तय करना जरूरी होगा। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने मांग की है कि क्षेत्र में गुजर रही हाईटेंशन लाइनों का निरीक्षण कराया जाए और जहां भी खतरा है वहां तत्काल सुरक्षा के उपाय किए जाएं ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।
