
सीहोर। मध्यप्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. निवेदिता शर्मा की उपस्थिति में जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित बाल समस्या समाधान शिविर में बच्चों और उनके अभिभावकों की समस्याओं की सुनवाई की गई। शिविर में प्राप्त 75 आवेदनों में से 66 का मौके पर निराकरण किया गया, जबकि शेष नौ आवेदनों को आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को भेजा गया।
शिविर में आयोग की अध्यक्ष डॉ. निवेदिता शर्मा, सदस्य श्रीमती सोनम निनामा एवं श्रीमती अर्चना गुप्ता ने आवेदकों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई कर शिकायतों का निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आयोग ने लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से परीक्षण कर निर्धारित समय-सीमा में निराकरण करने तथा कार्रवाई का प्रतिवेदन आयोग एवं जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।

जिला प्रशासन एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के समन्वय से आयोजित शिविर में शिक्षा, पुलिस, स्वास्थ्य, श्रम, आदिम जाति कल्याण, पिछड़ा वर्ग एवं अनुसूचित जाति कल्याण, महिला एवं बाल विकास, सामाजिक न्याय, खाद्य विभाग और नगरीय निकाय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने शिकायतों का परीक्षण कर अपना विभागीय अभिमत प्रस्तुत किया।
महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी ज्ञानेश कुमार खरे ने बताया कि शिविर में व्यवस्थित सुनवाई और शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए चार डेस्क स्थापित की गई थीं। इनके माध्यम से आवेदनों का पंजीयन, शिकायतों का परीक्षण, सुनवाई और अभिलेख संधारण की प्रक्रिया पूरी की गई।
