जानकारी के मुताबिक कांग्रेस नेता विवेक खंडेलवाल गिरीश जोशी और देवेंद्र सिंह यादव रेलवे के कॉमर्शियल विभाग के पार्सल गोदाम पहुंचे थे। यहां पोस्टर-पुतले को एक बॉक्स में पैक कराया गया। इसके बाद रेलवे की निर्धारित प्रक्रिया के तहत पार्सल की बुकिंग कराई गई। नेताओं ने इसकी रसीद भी ली। पार्सल पर पोस्टर चिपकाने और जावक क्रमांक दर्ज कराने जैसी औपचारिकताएं भी पूरी की गईं। कांग्रेस नेताओं ने इस पूरी प्रक्रिया को रेलवे के माध्यम से दस्तावेजी रूप देते हुए पोस्टर-पुतले को दिल्ली भेजने की व्यवस्था की।
पोस्टर पर चलो दिल्ली और वोट चोर गद्दी छोड़ जैसे नारे लिखे गए हैं। इसके साथ ही मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की तस्वीर भी लगाई गई है। कांग्रेस नेताओं का उद्देश्य इस पोस्टर-पुतले को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाले आंदोलन तक पहुंचाना है। पार्टी की ओर से 1 नवंबर को आयोजित किए जा रहे इस प्रदर्शन में चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को उठाया जाना है।
इस विरोध प्रदर्शन के लिए रेलवे पार्सल का इस्तेमाल करना भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। आमतौर पर राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए पोस्टर बैनर और अन्य प्रचार सामग्री सड़क मार्ग या निजी वाहनों से भेजी जाती है। लेकिन इंदौर के कांग्रेस नेताओं ने पोस्टर-पुतले को रेलवे पार्सल के जरिए भेजने का विकल्प चुना। इसके लिए उन्होंने केवल सामग्री भेजने की व्यवस्था ही नहीं की बल्कि बुकिंग की रसीद लेकर पूरी प्रक्रिया को औपचारिक रूप भी दिया।
दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाला आंदोलन कांग्रेस की ओर से चुनाव और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़े सवालों को लेकर आयोजित किया जा रहा है। इंदौर से भेजे जा रहे पोस्टर-पुतले के जरिए स्थानीय कांग्रेस नेता भी इस अभियान में अपनी भागीदारी दर्ज कराना चाहते हैं। पोस्टर पर लिखे नारे पार्टी के विरोध का संदेश दे रहे हैं। हालांकि पोस्टर-पुतले के दिल्ली पहुंचने और प्रदर्शन में इसके इस्तेमाल को लेकर आगे की स्थिति संबंधित आयोजन पर निर्भर करेगी।
फिलहाल इंदौर कांग्रेस की यह तैयारी इसलिए सुर्खियों में है क्योंकि मुख्य निर्वाचन आयुक्त की तस्वीर वाला पोस्टर-पुतला मालवा एक्सप्रेस के जरिए रेलवे पार्सल से भेजने के लिए बुक कराया गया है। 1 नवंबर को दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन से पहले इस कदम ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है।
