मृतक जवान की पहचान उत्तराखंड निवासी आकाश चौहान के रूप में हुई है। वह आर्मी एजुकेशन सेंटर में चीनी भाषा का प्रशिक्षण ले रहे थे और 17वीं कमांड रेजिमेंट में पदस्थ थे। घटना के बाद सैन्य परिसर में शोक का माहौल है। अचानक हुए इस हमले से वहां मौजूद सैनिक भी सकते में आ गए।
जानकारी के अनुसार, सैनिक जब मैदान में फुटबॉल खेल रहे थे, तभी झाड़ियों से निकलकर बायसन वहां पहुंचा। उसने अचानक सैनिकों पर हमला कर दिया। इस दौरान आकाश चौहान उसकी चपेट में आ गए। बायसन ने पीछे से उन पर हमला किया और उसके सींग जवान के पेट के आसपास लगे। इससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। साथी सैनिकों ने उन्हें तत्काल उपचार के लिए मिलिट्री अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के सहायक संचालक पचमढ़ी संजीव शर्मा ने बताया कि सेना की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, सैनिक मैदान में फुटबॉल खेल रहे थे, तभी बायसन झाड़ियों से निकलकर वहां पहुंचा और उन पर हमला कर दिया। उन्होंने बताया कि आर्मी परिसर जंगल से लगा हुआ है। इस वजह से बायसन का झुंड कई बार जंगल से निकलकर परिसर में आ जाता है। हालांकि, इस तरह की घटना पहले कभी सामने नहीं आई थी। मामले की जांच की जा रही है।
पचमढ़ी में पिछले कुछ दिनों से बायसन के झुंड की आवाजाही लगातार देखी जा रही है। पचमढ़ी थाने में पदस्थ एसएन यादव के मुताबिक, आकाश चौहान प्रशिक्षण के लिए यहां आए थे। वह उत्तराखंड में देहरादून के पास के रहने वाले थे। उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में बायसन का झुंड कई बार पचमढ़ी नगर के भीतर भी दिखाई दिया है।
एक दिन पहले ही बायसन का झुंड शहीद द्वार के पास स्थित छोटी पुलिया पर आकर बैठ गया था। इसके कारण कई घंटे तक वहां से आवागमन बंद रहा। सड़क पर झुंड की मौजूदगी के चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने सतपुड़ा टाइगर रिजर्व प्रबंधन से बायसन के झुंड को वापस जंगल में भेजने की मांग भी की थी।
स्थानीय स्तर पर इस दिशा में कार्रवाई नहीं होने के आरोप लगाए जा रहे हैं। इसी बीच आर्मी एजुकेशन सेंटर परिसर में हुए हमले ने वन्यजीवों की आवाजाही और मानव आबादी के बीच बढ़ते टकराव को लेकर चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल घटना की जांच की जा रही है।
