मौसम केंद्र के मुताबिक, नए तूफान का असर जबलपुर, रीवा, शहडोल, नर्मदापुरम और इंदौर संभाग के जिलों में देखने को मिलेगा। सोमवार को जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, कटनी, उमरिया, अनूपपुर, शहडोल, मैहर, सीधी और सिंगरौली में तेज आंधी चलने और बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है।
इससे पहले रविवार को भी प्रदेश के कई जिलों में मौसम बदला रहा। सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, मैहर और पांढुर्णा में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी हुई।
भोपाल-उज्जैन समेत कई संभागों में बादल छाएंगे
मौसम विभाग के अनुसार, जबलपुर, रीवा, शहडोल, नर्मदापुरम और इंदौर संभाग में बारिश का असर ज्यादा रह सकता है। वहीं भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग में बादल छाए रहने का अनुमान है। इन इलाकों में भी कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी हो सकती है।
48 घंटे में दिन का पारा 7.7 डिग्री तक गिरा
बीते 48 घंटे के दौरान चंबल, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में अधिकतम तापमान में 5.3 से 7.7 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई। वहीं भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर संभाग में पारा 4.9 डिग्री तक नीचे आया।
रात के तापमान में भी 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की कमी आई है। बीती रात दमोह में न्यूनतम तापमान 14.5 डिग्री, अमरकंटक में 15.1 डिग्री, भोपाल में 15.2 डिग्री, शाजापुर के गिरवर में 15.4 डिग्री और बालाघाट के मलाजखंड में 15.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
नवंबर के दूसरे सप्ताह से बढ़ेगी ठंड
मौसम विभाग के मुताबिक, नवंबर के दूसरे सप्ताह से प्रदेश में ठंड का असर और तेज होने के आसार हैं। खासकर ग्वालियर-चंबल संभाग में उत्तरी हवाओं के सीधे पहुंचने से रात के तापमान में गिरावट आ सकती है।
ग्वालियर में 57 साल पहले नवंबर के दौरान न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। वहीं उज्जैन में 53 साल पहले नवंबर में न्यूनतम पारा 2.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
भोपाल, इंदौर और जबलपुर में नवंबर के दौरान बारिश का ट्रेंड रहा है। इस बार भी महीने की शुरुआत में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, नवंबर के तीसरे और चौथे सप्ताह में मौसम प्रणालियों के सक्रिय होने से फिर बारिश हो सकती है।
